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टिहरी में भीषण सड़क हादसा: 150 मीटर गहरी खाई में गिरी यूटिलिटी, चालक की मौके पर मौत

editor
  • Tapas Vishwas
  • April 12, 2026 12:04 PM
Horrific Road Accident in Tehri: Utility Vehicle Plunges into 150-Meter-Deep Gorge; Driver Dies on the Spot

घनसाली (टिहरी गढ़वाल)। उत्तराखंड के पर्वतीय मार्गों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार तड़के टिहरी जनपद के घनसाली-घुत्तू मोटर मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां सांकरी गांव के पास एक यूटिलिटी वाहन अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस हृदयविदारक घटना में वाहन चालक और गाड़ी में मौजूद एक घोड़े की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।

जानकारी के अनुसार, हादसा रविवार सुबह करीब 4 बजे हुआ। वाहन (UK07CD 0854) में जौनपुर निवासी पूरब सिंह रौथान (55) खच्चर खरीदकर अपने गांव सटीयाला की ओर जा रहे थे। गाड़ी बॉबी (निवासी क्यारसी) चला रहा था। सांकरी गांव के पास अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन सीधे खाई में समा गया। सूचना मिलते ही घनसाली थाना पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।खाई बेहद गहरी होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बताया कि चालक बॉबी और एक घोड़े ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। गंभीर रूप से घायल पूरब सिंह को रेस्क्यू कर खाई से बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए बालेश्वर अस्पताल भेजा गया है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। समाजसेवी भजन रावत ने बताया कि घुत्तू-घनसाली मोटर मार्ग डेंजर जोन बनता जा रहा है। यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार लोनिवि और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए, जिसका खामियाजा आज एक और परिवार को भुगतना पड़ा। प्रदेश में बढ़ते हादसों को रोकने के लिए परिवहन विभाग जन जागरूकता अभियान और एएनपीआर कैमरों के जरिए ओवर स्पीडिंग पर लगाम लगाने का दावा कर रहा है। बॉर्डर एरिया और महत्वपूर्ण सड़कों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकगनाइजेशन कैमरे लगाए गए हैं ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसी जा सके। हालांकि, पहाड़ी सड़कों की खराब स्थिति और सुरक्षा दीवार (क्रैश बैरियर) का न होना इन तमाम तकनीकी कोशिशों पर भारी पड़ रहा है। तमाम चालानी कार्रवाइयों और अभियानों के बावजूद 'देवभूमि' की सड़कों पर मौतों का आंकड़ा कम नहीं हो पा रहा है, जो प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है।
 


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