• Home
  • News
  • Horrific tragedy on Purvanchal Expressway: Family meeting with an accident while traveling to perform the last rites of a Subedar Major! Four people, including the son, lost their lives.

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक त्रासदीः सूबेदार मेजर के पार्थिव शरीर के साथ अंतिम सफर पर निकला परिवार हादसे का शिकार! एक्सीडेंट में बेटे समेत 4 ने गंवाई जान

editor
  • Awaaz Desk
  • October 04, 2026 07:10 AM
Horrific tragedy on Purvanchal Expressway: Family meeting with an accident while traveling to perform the last rites of a Subedar Major! Four people, including the son, lost their lives.

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में रविवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ दर्दनाक हादसा एक परिवार के लिए दोहरी त्रासदी बन गया। चंडीगढ़ से सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर लेकर देवरिया जा रही एंबुलेंस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसे का शिकार हो गई। हादसे में शहीद के बेटे गौरव सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसा सुलतानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास रविवार सुबह हुआ। एंबुलेंस में शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर रखा था और परिवार के लोग उसे अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव देवरिया ले जा रहे थे। इसी दौरान एंबुलेंस की एक अज्ञात वाहन से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूबेदार मेजर सत्यवान मूल रूप से देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के गैला दुधिला गांव के रहने वाले बताए गए हैं। चंडीगढ़ में उनकी मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर एंबुलेंस से पैतृक गांव ले जाया जा रहा था। एंबुलेंस में उनके बेटे गौरव सिंह के अलावा परिवार के सदस्य राजन चौधरी, राम समुझ सिंह और चालक जसपाल सवार थे। परिवार के लोग अपने शहीद परिजन को आखिरी बार उनके गांव पहुंचाने के लिए साथ चल रहे थे। लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे के बाद एंबुलेंस में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान के बेटे गौरव सिंह और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल राजन चौधरी और राम समुझ सिंह को उपचार के लिए पिठला कुमारगंज स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चार लोगों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। इस हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर यह रही कि जिस एंबुलेंस में शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर रखा था, उसी सफर में उनके बेटे गौरव सिंह की भी जान चली गई। परिवार अपने पिता और परिजन को अंतिम विदाई देने के लिए गांव जा रहा था, लेकिन कुछ ही घंटों में परिवार के सामने चार लोगों की मौत का दुख खड़ा हो गया। हादसे की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान के अंतिम संस्कार की तैयारियां होनी थीं, वहां एक साथ कई मौतों की खबर पहुंच गई।


संबंधित आलेख: