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गुजरात में दिल दहलाने वाला हादसा: उत्तराखंड के युवक को जिंदा चबा गया शेर, घटनास्थल पर क्षत-विक्षत शव देख कांप उठी रूह

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 16, 2026 12:06 PM
Horrifying incident in Gujarat: Lion mauls and devours young man from Uttarakhand alive; sight of the mutilated body at the scene was bone-chilling.

गुजरात के अमरेली जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। राजुला तालुका के कोवाया गांव में देर रात एक खूंखार शेर ने प्रवासी युवक पर जानलेवा हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया। हमला इतना हिंसक और खौफनाक था कि घटनास्थल से युवक का पूरा शरीर गायब था, वहां केवल उसकी खोपड़ी, बिखरा हुआ मांस और खून के निशान मिले। इस रूह कपां देने वाले मंजर को देखकर पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं, घटना से नाराज स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान प्रकाश चंद्र के रूप में हुई है, जो मूल रूप से देवभूमि उत्तराखंड का रहने वाला था। प्रकाश यहां एक स्थानीय होटल-रेस्टोरेंट में काम करता था। सोमवार की देर रात वह अपने घर उत्तराखंड जाने के लिए निकला था। वह अपने घर लौटने की खुशी में आगे बढ़ ही रहा था कि कोवाया गांव के पास घात लगाए बैठे एक शेर ने उस पर अचानक हमला बोल दिया। सुनसान रास्ता होने के कारण युवक को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिला। सुबह जब ग्रामीणों ने रास्ते पर खून के धब्बे और मांस के लोथड़े देखे, तो उनके होश उड़ गए। पास ही युवक की खोपड़ी पड़ी हुई थी। घटना की भयावहता को देखकर तुरंत राजुला रेंज पुलिस और वन विभाग को सूचित किया गया। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद कोवाया गांव के सरपंच जीणाभाई वाघ ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि इलाके में शेरों की भारी तादाद को देखते हुए तुरंत 'ट्रैकर्स' की भर्ती की जाए ताकि जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और इंसानी जिंदगियों को सुरक्षित किया जा सके। इस वीभत्स घटना की गंभीरता को देखते हुए पालिताना शेत्रुंजी डिवीजन के आरएफओ और एसीएफ विरल सिंह चावड़ा समेत वन विभाग के आला अधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसीएफ विरल सिंह चावड़ा ने बताया कि हमलावर शेर को पकड़ने के लिए एक बड़ा पिंजरा-सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। घटनास्थल के चारों ओर घने जंगलों को घेर लिया गया है ताकि आदमखोर शेर किसी दूसरे रिहायशी इलाके में न भाग सके। वन्यजीव डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और ट्रैंक्विलाइजर गन (बेहोश करने वाली दवा) के साथ मौके पर तैनात है। इस घटना ने अमरेली के ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष को एक बार फिर उजागर कर दिया है। वन विभाग ने कोवाया और उसके आस-पास के दर्जनों गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों से सख्त अपील की गई है कि वे रात के समय अकेले घरों से बाहर न निकलें, खेतों या बॉर्डर वाले इलाकों में जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें। फिलहाल, पूरा इलाका पुलिस और वनकर्मियों की कड़े पहरे में है और आदमखोर को काबू करने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं।
 


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