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करोड़ों के 'हरे रत्न' की बड़ी खेप बरामद, बहरागोड़ा से तीन अंतरराज्यीय तस्कर दबोचे

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 12, 2026 12:07 PM
Huge consignment of 'green gems' worth crores seized; three interstate smugglers nabbed from Baharagora.

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस को खनिज और बहुमूल्य रत्नों की अवैध तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक गुप्त और सटीक सूचना के आधार पर बहरागोड़ा बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथ दबोच लिया। इनके पास से 1.095 किलोग्राम (1095 ग्राम) बेशकीमती पन्ना (एमराल्ड) बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान विनय पातर (50), सिद्धेश्वर कालिंदी और स्नेहाशीष मंगराज के रूप में हुई है, जो इसी जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को मिली गुप्त सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए घाटशिला के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। बहरागोड़ा बस स्टैंड पर जब दो दोपहिया वाहनों के साथ खड़े इन तीनों संदिग्धों ने पुलिस को अपनी ओर आते देखा, तो उन्होंने भागने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद जवानों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी विनय पातर की स्कूटी की डिक्की से प्लास्टिक में पैक किया हुआ 1.095 किलोग्राम हरा पन्ना बरामद हुआ। इसके अलावा पुलिस ने उनके पास से दो दोपहिया वाहन, तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और ₹2,300 नगद जब्त किए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी विनय पातर का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2018 में भी उसके खिलाफ गुड़ाबांदा थाना में खनिज तस्करी और चोरी का मामला दर्ज हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों पर केवल साधारण धाराएं ही नहीं, बल्कि भारतीय वन अधिनियम 1927, पुरावशेष तथा बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम 1972 और खान एवं खनिज अधिनियम 1957 के तहत बेहद सख्त मामला दर्ज किया है। पुलिस को अंदेशा है कि इस रैकेट के तार ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह कीमती पन्ना किस अवैध खदान से निकाला गया था और इसे किसे डिलीवर किया जाना था। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल चैट, कॉल डिटेल्स (CDR) और बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है ताकि इस संगठित सिंडिकेट के असली सरगना और खरीदारों तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने साफ किया है कि जिले में अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।


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