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फिर शर्मसार हुई इंसानियत: 3 साल की मासूम से दरिंदगी के बाद मौत, बिहार का प्रवासी मजदूर गिरफ्तार

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 15, 2026 10:06 AM
Humanity Shamed Again: 3-Year-Old Girl Dies After Brutal Assault; Migrant Worker from Bihar Arrested

चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले से एक रूह कंपा देने वाली और बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां गुम्मिडीपुंडी के एक औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाली एक तीन साल की मासूम बच्ची के साथ बर्बरता और दरिंदगी की गई, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस अमानवीय घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और भारी जन-आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार के रहने वाले एक प्रवासी मजदूर को गिरफ्तार कर लिया है। बेहद दुखद बात यह है कि पीड़ित मासूम का परिवार भी मूल रूप से बिहार का ही रहने वाला है और रोजी-रोटी के सिलसिले में यहां रह रहा था।

पुलिस प्रशासन और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दिल दहला देने वाली वारदात रविवार को घटित हुई। आरोपी और पीड़ित परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते थे, जिसके कारण मासूम बच्ची आरोपी को पहचानती थी। रविवार को जब बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी, तभी आरोपी उसे बिस्कुट का लालच देकर और बहला-फुसलाकर अपने साथ एक सुनसान जगह पर ले गया। वहाँ उसने मासूम के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। वारदात के बाद आरोपी बच्ची को लहूलुहान और गंभीर हालत में झाड़ियों में फेंककर भागने की फिराक में था। इसी बीच, एक स्थानीय महिला जब शौच के लिए पास की झाड़ियों की तरफ गई, तो उसने मासूम को लावारिस और अचेत अवस्था में तड़पते हुए देखा। महिला के शोर मचाने पर भारी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को मौके के पास से ही दबोच लिया और उसकी जमकर धुनाई करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। घायल बच्ची को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद आज इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले में सख्त 'पोक्सो' कानून और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। हालांकि, अब बच्ची की मौत हो जाने के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकी में हत्या की धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह वीभत्स घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों को लेकर पहले से ही बहस छिड़ी हुई है। हालिया विधानसभा चुनावों में भी महिला सुरक्षा एक सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा रहा था। इस घटना के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है और मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने सत्ताधारी दल टीवीके के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डीएमके के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन ने सरकार की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा, "सरकार को ऐसी जघन्य घटनाओं पर तुरंत और सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि अपराधियों में खौफ पैदा हो। अदालतों से मिलने वाली सजा इतनी कड़ी होनी चाहिए जो एक नजीर बने।" उन्होंने इसे एक गंभीर सामाजिक मुद्दा बताते हुए सरकार पर विफलता का आरोप लगाया और दावा किया कि हाल के कई आपराधिक मामलों में तो सत्ताधारी टीवीके के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं। इस राजनीतिक रस्साकशी और जनता के भारी विरोध को देखते हुए पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।


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