ईरान पर हमले के बाद हड़कंप: सैकड़ों भारतीय फंसे, बंकरों में शरण,यूएस-इजराइल के खिलाफ फूटा गुस्सा
लखनऊ। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस संघर्ष के बीच सैकड़ों भारतीय नागरिक ईरान में फंस गए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश खासकर लखनऊ के कई लोग शामिल बताए जा रहे हैं। परिजनों के अनुसार, हमले के बाद से कई लोगों से संपर्क टूट गया है, जिससे परिवारों में भारी चिंता और बेचैनी का माहौल है।
बताया जा रहा है कि हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। वर्ष 1989 से ईरान की सत्ता पर प्रभाव रखने वाले खामेनेई के निधन के बाद वहां 40 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। भारत में भी शिया समुदाय के बीच शोक की लहर है और कई स्थानों पर दुआ व मजलिस का आयोजन किया जा रहा है। लखनऊ निवासी शाहकार भाई ने बताया कि उनके सगे भाई समेत लगभग 15 रिश्तेदार ईरान में फंसे हुए हैं। ये लोग वहां नौकरी के सिलसिले में रह रहे थे। शुक्रवार को फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया था कि उनके निवास के पास विस्फोट हुआ है और वे बंकरों की ओर जा रहे हैं। इसके बाद से संपर्क नहीं हो पाया। परिजन लगातार उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं और भारत सरकार से सुरक्षित वापसी की अपील कर रहे हैं।
ईरान-इजराइल संघर्ष का असर खाड़ी देशों की उड़ानों पर भी पड़ा है। लखनऊ से दुबई, शारजाह, अबूधाबी, जेद्दा और दम्माम जाने वाली अधिकांश उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। दुबई एयरस्पेस बंद होने के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित हैं। एयरलाइंस यात्रियों को संदेश भेजकर उड़ानों के रद्द होने की सूचना दे रही हैं, ताकि एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी की स्थिति न बने। उत्तर प्रदेश से हर साल बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में रोजगार और धार्मिक यात्रा के लिए जाते हैं। अचानक उड़ानें बंद होने से नौकरीपेशा लोगों के सामने वीजा अवधि समाप्त होने का संकट भी खड़ा हो गया है। कई यात्रियों को टिकट रद्द होने और यात्रा स्थगित होने से आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच लखनऊ और अन्य शहरों में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि युद्ध का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। परिजन जल्द युद्धविराम और फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।