मैं एक मुसलमान हूँ और इस्लाम धर्म मे ये काम ज़रूरी है,मुझसे इससे अलग कोई उम्मीद मत करना,इस्लामी शिक्षा यही सिखाती है! किस नेता ने कही ये बात और क्यों?
मैं एक मुसलमान हूँ इसीलिए ये काम ज़रूरी है,एक मुस्लिम होने के नाते मैं इस्लाम की शिक्षा के तहत काम करता रहूंगा।"ये कहना है तुर्की राष्ट्रपति रेचेप तैयप का। दरअसल तुर्की में लीरा करेंसी में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई जिसके बाद राष्ट्रपति रेचेप ने इस्लाम की शिक्षा का हवाला देते हुए कहा कि ब्याज दरों में कटौती जारी रहेगी।उन्होंने कहा कि "शिकायत मिलती है कि हम ब्याज दरों में कटौती करते रहते है,तो आपको बता दूं इससे अलग मुझसे कोई उम्मीद मत करना क्योंकि एक मुस्लिम होने के नाते मैं ऐसा कर रहा हूँ इस्लाम धर्म मे ब्याज लेने पर पाबंदी है इस्लामी शिक्षा मुसलमानों को उधार,या उधार के पैसों पर ब्याज लेने से मना करती है। रेचेप ने इससे पहले भी कई बार इस्लाम धर्म का हवाला दिया है उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि ब्याज दरें महंगाई को कम करने के बजाय महंगाई का कारण बनती है।

उन्होंने बताया कि तुर्की मुद्रा लीरा के मूल्य में गिरावट कुछ देशों द्वारा तुर्की पर आर्थिक प्रतिबंध का नतीजा है,तुर्की अपनी नई आर्थिक नीति से पीछे नही हटेगा।

आपको बता दें कि तुर्की मुद्रा लीरा 6% से और ज़्यादा कमजोर होकर 17.624 प्रति डॉलर पर नीचे गिर गयी है।लीरा में पिछले 5 दिनों से लगातार गिरावट देखी जा रही है। पिछले तीन महीनों की बात करे तो लीरा ने अपना लगभग आधा मूल्य इन तीन महीनों में खोया है,और पूरे विश्वभर में आज तक इतनी तेजी से किसी भी मुद्रा के मूल्य में गिरावट दर्ज नही की गई है।