दिल्ली में सुरक्षा का अभेद्य घेरा: विरोध प्रदर्शनों के बीच 45 अर्धसैनिक कंपनियां तैनात, 16 मेट्रो स्टेशन बंद,सरकार सख्त कार्रवाई के मूड में
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शनों और पिछले तीन दिनों में हुई हिंसक घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस की मांग पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों की 45 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। ये सभी कंपनियां फिलहाल 27 जुलाई तक दिल्ली में तैनात रहेंगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त रूप से काम करेंगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार तैनात सभी कंपनियों को अत्याधुनिक दंगा-रोधी उपकरणों, ऑपरेशनल हथियारों और आवश्यक गोला-बारूद से लैस रहने को कहा गया है। सुरक्षा बलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली में सीआरपीएफ की 24 कंपनियां, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 15 कंपनियां, बीएसएफ की तीन, आईटीबीपी की एक और एसएसबी की दो कंपनियां तैनात की गई हैं। इनमें से 30 कंपनियों की तैनाती के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके थे, लेकिन कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद अतिरिक्त कंपनियों को भी राजधानी बुलाया गया। सुरक्षा बलों की यह अतिरिक्त तैनाती ऐसे समय में की गई है जब जंतर-मंतर सहित राजधानी के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। पिछले तीन दिनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई बार टकराव हुआ है। पत्थरबाजी, वाहनों में तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को भी नई दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशनों को एहतियातन अस्थायी रूप से बंद रखा गया। इससे पहले बुधवार को भी इन्हीं स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं प्रभावित की गई थीं। दिल्ली मेट्रो और पुलिस ने सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया ताकि संवेदनशील इलाकों में भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। दिल्ली में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के लिए देश के विभिन्न राज्यों से कंपनियां बुलाई गई हैं। बुधवार को छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ की नौ कंपनियां, झारखंड से तीन, मध्य प्रदेश से पांच और ओडिशा से एक कंपनी दिल्ली रवाना की गई। वहीं, आरएएफ की पश्चिम सेक्टर से चार तथा दक्षिण सेक्टर से दो अतिरिक्त कंपनियों को भी राजधानी भेजा गया है। इन बलों को संवेदनशील क्षेत्रों, सरकारी प्रतिष्ठानों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर तैनात किया गया है।सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सभी अर्धसैनिक बल दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाकर फ्लैग मार्च, भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जिम्मेदारी निभाएंगे। खुफिया एजेंसियों को भी संभावित हालात पर लगातार नजर रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति की सूचना तत्काल साझा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन हिंसा, पत्थरबाजी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजधानी में बढ़ाए गए सुरक्षा इंतजामों के बीच प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, पुलिस के निर्देशों का पालन करें और संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से परहेज करें। फिलहाल दिल्ली में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी भी की गई है। विरोध-प्रदर्शनों के बीच राजधानी पूरी तरह सुरक्षा घेरे में है और आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।