ये है शिक्षा विभाग की करतूत-7वीं कक्षा के प्रश्नपत्र में कश्मीर को दिखाया अलग देश!विवादों में घिरा बिहार का शिक्षा विभाग,बीजेपी ने बिहार सरकार को घेरते हुए कहा बच्चे हो रहे हैं जंगल राज पार्ट 2 का शिकार
बिहार:19/10/2022
कश्मीर को लेकर बिहार के शिक्षा विभाग की एक बार फिर किरकिरी हो रही है। बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र किशनगंज जिले में शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के लिए स्थापित 7वी कक्षा के एग्जाम पेपर में कश्मीर को अलग देश बताया है जिसके बाद ये पेपर विवादों में घिर गया और बिहार की शिक्षा विभाग की प्रणाली पर सवाल खड़े करने लगा है।
दरअसल छात्रों से परीक्षा में यह प्रश्न पूछा गया कि पांच देशों- चीन, नेपाल, इंग्लैंड, कश्मीर और भारत के लोगों को क्या कहा जाता है।

जिले के माध्यमिक विद्यालयों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत परीक्षा आयोजित की जा रही है, जो राज्य में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) द्वारा आयोजित की जाती है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है,इससे पहले 2017 में भी इस तरह का मामला प्रकाश में आया था और इसी प्रश्न को तब भी पूछा गया था, तब भी इसे मानवीय भूल बताया गया था,और भविष्य में दोबारा ऐसी गलती नही होगी का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब दोबारा ये मामला सामने आने के बाद बिहार शिक्षा विभाग विवादों में घिर गया है।
वही इस मामले में भाजपा जिला अध्यक्ष सुशांत गोप ने कहा कि ये घोर निंदनीय और महागठबंधन की तुष्टीकरण की राजनीति को हवा देने का प्रयास है। बच्चों की मनस्मृति में कश्मीर और भारत को अलग दिखाने का प्रयास है। यह भूलवश नहीं बल्कि नीतीश कुमार की साजिश का हिस्सा है। बच्चे जंगलराज पार्ट टू का शिकार हो रहे हैं। कश्मीर के लिए भारत के कितने मां की गोद सूनी हो चुकी है और एक साजिश के तहत बिहार में इस तरह का कृत्य किया जा रहा है।
वहीं, एमआईएम नेता शाहिद रब्बानी का कहना है कि यह प्रिंटिंग मिस्टेक हो सकता है या फिर जानना पड़ेगा कि अधिकारी ऐसा किस इंटेंशन से किए है। अगर भूलवश ऐसा हुआ है तो इसे सुधार दिया जाए और जानबूझ कर हुआ है तो कड़ी कार्रवाई की जाए,इसमें सरकार का कोई रोल नजर नहीं आता और इसपर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
फ़ोटो साभार:गूगल
थम्बनेल फ़ोटो:सांकेतिक