सपा प्रमुख अखिलेश यादव के तीन करीबी नेताओं के ठिकानों पर इनकम टैक्स की छापेमारी! पार्टी के फाइनेंसर माने जाते हैं तीनों नेता, चुनाव से पहले छापेमारी पर सियासत गरमाई
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में चुनावी हलचल के बीच इनकम टैक्स विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए समाजवादी पार्टी के तीन बड़े नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की है। इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी के बाद समाजवादियों में हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार मऊ में सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय, लखनऊ में जैनेंद्र यादव और मैनपुरी में मनोज यादव के घर पर छापेमारी की कार्यवाही की जा रही है। सूत्रों की मानें तो जिन नेताओं के घर पर छापेमारी की जा रही है वह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बेहद करीबी हैं। ये पार्टी के फाइनेंसर भी माने जाते हैं। जैनेंद्र यादव अखिलेश के मुख्यमंत्री रहते हुए उनके ओएसडी भी रह चुके हैं। चुनाव के पूर्व हुई इस छापेमारी को सियासी एंगल से भी देखा जा रहा है। सबसे पहले शनिवार सुबह करीब 7 बजे राजीव राय के मऊ में शहादतपुरा आवास पर छापे की खबर आई। राय 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। राय के दुबई और बेंगलुरू में मेडिकल कॉलेज हैं। इनकम टैक्स की छापेमारी की खबर मिलते ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचे हैं। वे भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। राजीव राय शुरू से ही सपा से जुड़े हुए हैं। भूमिहार नेता के तौर इनकी पहचान है। मऊ, बलिया और गाजीपुर क्षेत्र में भूमिहारों में अपनी पकड़ रखते हैं। यह मूलत: बलिया के रहने वाले हैं। अखिलेश यादव राजीव राय को घोसी से चुनाव लड़ाना चाहते हैं। इसके लिए वे तीन महीने पहले ही मऊ में शिफ्ट हुए हैं। अभी उन्होंने वहां आवास लिया है और अपना कार्यालय खोला है। इधर, लखनऊ में जैनेंद्र यादव के गोमती नगर आवास पर इनकम टैक्स की टीम पहुंची है। अखिलेश से करीबी होने की वजह से वे उनके OSD बने थे। इसके बाद जैनेंद्र यादव ने रियल स्टेट में कदम रखा। आगरा लखनऊ और कई अन्य शहरों में जैनेंद्र की कई जमीने हैं। इसके अलावा इनकी मिनरल वाटर की फैक्ट्री भी है।