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सरहद पर दौड़ा हिंदुस्तान: 11 हजार फीट की ऊंचाई पर 'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन' का ऐतिहासिक आयोजन, सीएम धामी ने की सीमा दर्शन केंद्र की घोषणा

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 01, 2026 12:06 PM
India Runs at the Border: Historic 'Niti Extreme Ultra Run' Held at an Altitude of 11,000 Feet; CM Dhami Announces 'Seema Darshan Kendra'

चमोली। उत्तराखंड की सामरिक और प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी इन दिनों खेल, पर्यटन और सीमांत विकास के नए अध्याय की साक्षी बन रही है। 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ में देशभर से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने अपने साहस, ऊर्जा और जुनून का शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीमांत क्षेत्रों के विकास और पर्यटन को नई गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय इस आयोजन में देश के 27 राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करना है।

मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन के ओपन वर्ग में दिगंबर सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि महिला वर्ग में मीनाक्षी विजेता रहीं। 42 किलोमीटर मैराथन में यश राज और महिला वर्ग में दिया ने बाजी मारी। 21 किलोमीटर हाफ मैराथन में लोकेश कुमार और महिला वर्ग में प्रिया ने पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा 5 और 10 किलोमीटर की प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस आयोजन में 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 160, 42 किलोमीटर मैराथन में 155, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन में 215, 10 किलोमीटर शॉर्ट रन में 210 और 5 किलोमीटर फन रन में 260 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कुल मिलाकर 1100 से अधिक धावकों ने विभिन्न श्रेणियों में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नीति, मलारी, कोशा, फरकिया, बाम्पा, गुरगुटी, कैलाशपुर और महरगांव में सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करने की घोषणा की। इसके तहत सामुदायिक होम स्टे निर्माण, ग्रामीण पर्यटन के लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास और पर्यटकों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थलों पर साइनज एवं व्यू प्वाइंट विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने रिमखिम और बाड़ाहोती क्षेत्र में बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ‘सीमा दर्शन केंद्र’ स्थापित करने की भी घोषणा की। वहीं ग्राम गमशाली स्थित दुप्फूधार मैदान में साहसिक पर्यटन और बड़े आयोजनों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। धामी ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है और इससे रिवर्स माइग्रेशन को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नीति क्षेत्र में होम स्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो चुकी है, जो यहां पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह अल्ट्रा रन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं के अदम्य साहस, आत्मविश्वास और सीमांत क्षेत्रों की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से नीति घाटी सहित पूरे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।


 


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