फ्रांसीसी धरती पर गूंजी भारतीय संस्कृति: विदेशी कलाकारों ने पेश की 'चरिश्नु' की मनमोहक प्रस्तुति, प्रवासियों के भव्य स्वागत पर भावुक हुए पीएम
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (स्थानीय समयानुसार) फ्रांस के ऐतिहासिक और खूबसूरत शहर नीस पहुंच चुके हैं। हवाई अड्डे से लेकर होटल तक प्रधानमंत्री का जिस गर्मजोशी और अभूतपूर्व उत्साह के साथ स्वागत किया गया, उसने भारत-फ्रांस की गहरी दोस्ती में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष निमंत्रण पर शुरू हुए इस पांच दिवसीय हाई-प्रोफाइल दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत की द्विपक्षीय और बहुपक्षीय रणनीतिक व तकनीकी साझेदारी को एक नई और ऐतिहासिक ऊंचाई देना है। तय कार्यक्रम के अनुसार, आज प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। इसके साथ ही दोनों शीर्ष नेता संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स' महा-इवेंट का उद्घाटन करेंगे, जो दोनों देशों के भविष्य की दिशा तय करने वाला है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस दौरे के कूटनीतिक मायनों को स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच पारंपरिक रक्षा और आर्थिक संबंधों से आगे बढ़कर अत्याधुनिक सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने का एक ऐतिहासिक अवसर है। भारत और फ्रांस ने आधिकारिक तौर पर वर्ष 2026 को 'ईयर ऑफ इनोवेशन' के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसी विजन के तहत नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स' इवेंट दोनों देशों के जीवंत और गतिशील स्टार्टअप इकोसिस्टम को पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा। यह मंच भारत के युवा इनोवेटर्स, उभरती डीप-टेक कंपनियों और तकनीकी स्टार्टअप्स को अपने अत्याधुनिक सॉल्यूशंस और प्रोडक्ट्स को वैश्विक निवेशकों के सामने पेश करने का एक शानदार ग्लोबल प्लेटफॉर्म देगा। इस महा-आयोजन में भारत, फ्रांस सहित दुनिया भर के बड़े वेंचर कैपिटल फंड्स और तकनीकी दिग्गज एक साथ जुट रहे हैं। फ्रांस पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके होटल में 'परंपरा की गूँज, नवाचार की भावना' नामक एक बेहद अनूठे और आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ स्वागत किया गया। इस भव्य प्रस्तुति ने भारत की शाश्वत सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक भारत के उभरते डिजिटल स्वरूप के सुंदर सामंजस्य को दर्शाया। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें फ्रांसीसी और यूरोपीय कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की ऐसी छटा बिखेरी कि खुद प्रधानमंत्री मंत्रमुग्ध हो गए। प्रसिद्ध संगीतकार पंडित मधुप मुद्गल की कालजयी रचना 'चरिश्नु' पर आधारित इस प्रस्तुति में:इसाबेल अन्ना ने कथक,क्लो रोमेरो ने ओडिसी, और मारियाना बियाडेन ने भरतनाट्यम का पूर्ण जुगलबंदी के साथ प्रदर्शन किया। यह प्रस्तुति इस बात का जीवंत प्रमाण बनी कि आधुनिकता की ओर तेजी से कदम बढ़ाता भारत आज भी अपनी जड़ों और परंपराओं से कितनी गहराई से जुड़ा हुआ है। नीस में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए भारतीय समुदाय के हजारों लोग सड़कों और होटल के बाहर एकत्र हुए थे। हाथों में तिरंगा थामे और 'भारत माता की जय' व 'मोदी-मोदी' के गगनभेदी नारे लगाते प्रवासियों के स्नेह को देखकर प्रधानमंत्री भावुक नजर आए। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा: "नीस में भारतीय समुदाय की ओर से एक अविस्मरणीय और यादगार स्वागत। भले ही ये लोग अपनी मातृभूमि से हजारों किलोमीटर दूर रह रहे हों, लेकिन भारत के साथ हमारे प्रवासी भाई-बहनों का दिल का बंधन हमेशा की तरह मजबूत और अटूट है। विदेश मंत्रालय ने भी इस पल को साझा करते हुए लिखा कि 'विदेश में अपने बड़े परिवार के साथ यह जुड़ाव बेहद अनूठा है। प्रवासी भारतीयों की गर्मजोशी, ऊर्जा और स्नेह वास्तव में अत्यंत विशेष था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह फ्रांस दौरा केवल नीस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए यूरोप के साथ भारत की महा-भागीदारी का एक विस्तृत खाका खींचा गया है। यह दौरा भारत को वैश्विक नवाचार, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। पूरी दुनिया की नजरें आज नीस में होने वाली मोदी-मैक्रों की इस महा-बैठक पर टिकी हैं।