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इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश,आम के बाग में चल रही थी 'मौत की फैक्ट्री, दो गिरफ्तार

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 13, 2026 10:06 AM
International drug syndicate busted; 'factory of death' operating in a mango orchard; two arrested.

हैदराबाद। तेलंगाना में नशा तस्करों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। तेलंगाना ईगल फोर्स, हैदराबाद नारकोटिक्स एनफोर्समेंट विंग, मलकाजगिरी कमिश्नरेट के तहत अब्दुल्लापुरमेट पुलिस और एलबी नगर जोन क्लूज टीम ने एक संयुक्त और खुफिया ऑपरेशन चलाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय ड्रग्स बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रंगारेड्डी जिले के अब्दुल्लापुरमेट मंडल के बतासिंगाराम इलाके में छापेमारी कर गिरोह के मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए मुख्य आरोपी का नाम केसरी मत्स्यगिरी उर्फ नरेश है, जो सूर्यपेट जिले के तिरुमलगिरी का रहने वाला है और खुद को फाइनेंस बिजनेसमैन बताता है। मत्स्यगिरी कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि पिछले 10 वर्षों से देश के विभिन्न हिस्सों में ड्रग्स बनाने की अवैध यूनिट्स स्थापित करने वाला एक शातिर इंटरनेशनल सिंडिकेट मेंबर है। उसके साथ मोथकुर के निम्माला नरेश को भी दबोचा गया है। पुलिस ने इनके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 50 लाख रुपये कीमत की 750 ग्राम शुद्ध मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स, कच्चा माल, केमिकल, एक कार और तीन सेलफोन बरामद किए हैं। ईगल फोर्स पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मुख्य आरोपी केसरी मत्स्यगिरी ने 2015 से संतोष सिंह उर्फ राजू, विजय और अश्विनी पाठक जैसे बड़े ड्रग माफियाओं के साथ मिलकर पूरे देश में ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क फैला रखा था। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने ड्रग्स बनाने का एक नया और बेहद गोपनीय ठिकाना चुना। मत्स्यगिरी ने यदाद्री भुवनगिरी जिले के मोटकुर में एक आम के बाग में रखवाली (वॉचमैन) करने वाले रावुला महेश से संपर्क किया। उसने महेश को झांसा दिया कि वह चेहरे की चमक बढ़ाने वाला 'फेशियल ग्लो पाउडर' बनाने का व्यापार शुरू करना चाहता है और इसके बदले महेश को 10 हजार रुपये महीना सैलरी देने का वादा किया। इसके बाद प्रभाकर नाम के एक सप्लायर से 60 हजार रुपये में केमिकल और कच्चा माल खरीदा गया और उसे सीधे आम के बाग में बने एक सुनसान शेड में शिफ्ट कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि इस सुनसान शेड के भीतर आरोपियों ने बेहद खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल कर दो किलोग्राम कच्ची मेफेड्रोन तैयार की। इसके बाद रसायनिक प्रक्रियाओं के जरिए उससे 750 ग्राम हाई-क्वालिटी शुद्ध मेफेड्रोन ड्रग निकाली गई। गुरुवार की रात मुख्य आरोपी केसरी मत्स्यगिरी और उसका साथी निम्माला नरेश इस तैयार माल को बेचने और ठिकाने लगाने के इरादे से सूर्यपेट की तरफ निकले थे। जैसे ही वे रंगारेड्डी जिले के बतासिंगाराम स्थित 'श्रीसाई एचएमडीए वेब्रिज' ऑफिस के पास पहुंचे, पहले से जाल बिछाकर बैठी संयुक्त पुलिस और ईगल फोर्स की टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से आधा किलो से ज्यादा शुद्ध ड्रग्स बरामद हुई, जिसके बाद पुलिस टीम ने आम के बाग वाले ठिकाने पर रेड मारकर ड्रग्स बनाने के सारे उपकरण और बचे हुए केमिकल को भी सील कर दिया। इस बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। हालांकि, इस गिरोह के तीन अन्य मुख्य सदस्य विजय, संतोष सिंह और कच्चे माल की सप्लाई करने वाला प्रभाकर पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे। पुलिस ने दावा किया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के तार और किन-किन राज्यों या देशों से जुड़े हुए हैं।


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