अदृश्य साइबर अटैक: न कॉल आया,न मैसेज-लिंक,फिर भी खाते से उड़ गए ₹2.10 लाख,हैरान रह गई पुलिस
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ऑनलाइन ठगी का एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसने साइबर एक्सपर्ट और पुलिस दोनों के होश उड़ा दिए हैं। अमूमन किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी में ठग कोई लिंक भेजते हैं,ओटीपी मांगते हैं या फोन कॉल पर झांसा देते हैं। लेकिन विकासनगर के बाड़वाला में डिजिटल डकैती की एक ऐसी 'अदृश्य' वारदात हुई है, जहां पीड़ित को न तो कोई कॉल आया, न कोई मैसेज मिला और न ही उसने किसी लिंक पर क्लिक किया, फिर भी उसके बैंक खाते से ₹2 लाख से ज्यादा की रकम पलक झपकते ही साफ हो गई।
विकासनगर कोतवाली में बाड़वाला निवासी विजय पुन (पुत्र कमान सिंह) ने इस हैरान कर देने वाली ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित के मुताबिकयह पूरी वारदात 9 जुलाई की रात को अंजाम दी गई। साइबर अपराधियों ने चालाकी से खाते में सेंध लगाकर कुल ₹2,09,921 (दो लाख नौ हजार नौ सौ इक्कीस रुपये) उड़ा लिए। पीड़ित ने तहरीर में बताया कि वह तब स्तब्ध रह गया जब उसे बिना किसी गतिविधि के खाता खाली होने की भनक लगी। किसी अज्ञात शातिर ने डिजिटल पहचान छिपाकर या किसी और का रूप धारण कर इस बड़े छल को अंजाम दिया है। विकासनगर के कोतवाल राजीव रौथाण ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह मामला साइबर क्राइम की दुनिया में एकदम अलग और बेहद गंभीर है। साइबर सेल की टीमें अब इस बात की तकनीकी जांच कर रही हैं कि बिना किसी मानवीय इंटरैक्शन (कॉल/मैसेज/लिंक) के इस क्लोनिंग या डिजिटल हैकिंग को कैसे अंजाम दिया गया। पुलिस ने आम जनता को भी अपने बैंक खातों पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध बदलाव पर तुरंत बैंक को सूचित करने की सलाह दी है।