ये टीचर है या जल्लाद?एक और टीचर की हैवानियत की भेंट चढ़ा दसवीं का छात्र!टेस्ट में एक उत्तर गलत देने पर बुरी तरह पिटाई से छात्र की हुई मौत,हंगामे के बाद चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात
उत्तरप्रदेश/औरैया:5.00pm/27 सितंबर 2022
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर शिक्षक की हैवानियत का मामला सामने आया है। राज्य के औरैया जिले में अछल्दा थाना क्षेत्र में एक टीचर द्वारा छात्र की पिटाई कर दी गई, पिटाई इतनी क्रूरता से की गई की छात्र की मौत हो गयी। घटना के बाद लोगो मे टीचर को लेकर आक्रोश व्याप्त हो गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक औरेया के अछल्दा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आदर्श इंटर कॉलेज में कार्यरत शिक्षक अश्वनी सिंह ने सामाजिक विज्ञान के टेस्ट में एक गलत उत्तर देने के कारण दसवीं कक्षा के छात्र निखित को बुरी तरह से पीट दिया था। जिसे बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन सोमवार को ही छात्र की सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में उपचार के दौरान मौत हो गई। इटावा मुख्यालय पर पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, वैसे ही गाँव वालो ने हंगामा करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि छात्र एक दलित समाज से था। छात्र निखित की मौत के बाद देर शाम को आक्रोशित ग्रामीणों ने जमकर बवाल मचाया।

वहीं, भीम आर्मी और मृतक छात्र के परिजनों ने मुआवजे समेत सात सूत्रीय मांगों को मानने के लिए जिला प्रशासन से निवेदन किया और तभी अचानक सभी मांगों को लेकर बवाल बढ़ने लगा और भीड़ आक्रोशित हो गई और इसी भीड़ में से कुछ उपद्रवी तत्वों द्वारा पुलिस की जीप को आग लगा दी गई जिसके बाद वहाँ पर जमकर पत्थबाजी भी हुई। इस बवाल के दरम्यान डीएम औरैया की सरकारी कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और पुलिस की कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। भीड़ के उपद्रव का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पुलिस कर्मियों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।
रात सवा 9 बजे के करीब प्रदर्शन कर रहे भीड़ के बीच कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस पर पुलिस की ओर से सख्ती दिखाते हुए लाठी चार्ज करने की चेतावनी दी गई। जिसके बाद एकाएक माहौल बिगड़ गया। इसी बीच किसी उपद्रवी द्वारा ऐरवाकटरा थाना की वहाँ खड़ी पुलिस की जीप में आग लगा दी गई।इस बीच माहौल बिगड़ता देख मौके पर तैनात पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने मोर्चा संभाला। भीड़ को खदेड़ते हुए पीड़ित स्वजन को घर पहुंचाया। वहीं दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें थाने ले जाया गया। पूरे बवाल में साजिश की संभावना को देखते हुए कुछ लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं। लॉ एंड आर्डर को मेनटेन रखने के लिए वैशौली गांव से लेकर अछल्दा कस्बे तक भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती बढ़ा दी गई है। बढ़ते तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

परिजन शनिवार रात करीब 11 बजे उसे एंबुलेंस से लेकर सैफई पहुंचे. परिजन का आरोप है कि काफी देर तक निखित को भर्ती नहीं किया गया और एंबुलेंस में ही उसकी मौत हो गई. रविवार सुबह 10 बजे शव लेकर परिजन गांव पहुंचे तो जानकारी होते ही सहपाठी भी गांव आ गए. सूचना पर पुलिस भी गांव पहुंच गई. पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने बताया कि इटावा सीएमओ से संपर्क करके पोस्टमार्टम कराया गया है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. आरोपित शिक्षक को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं.
जानकारी के मुताबिक भीम आर्मी और मृतक दलित छात्र के परिजनों ने शव रखकर 50,00,000 रुपये का मुआवजा, एक सरकारी नौकरी, दो एकड़ जमीन और मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाए जाने जैसी सात सूत्रीय मांगों को जिला प्रशासन के सामने रखा। इस दौरान पुलिस फोर्स ने जायज मांगे माने जाने की बात कही।