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छात्र आंदोलन पर सक्रिय हुई झारखंड सरकार,राज्यपाल से मिले सीएम हेमंत सोरेन,बोले-सरकार के दरवाजे खुले,मांगों पर होगा गंभीर विचार

editor
  • Tapas Vishwas
  • August 05, 2026 11:08 AM
Jharkhand government swings into action regarding the student agitation; CM Hemant Soren meets the Governor, stating that the government's doors are open and the demands will be seriously considered.

रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने सक्रियता बढ़ा दी है। बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्य सचिव अविनाश कुमार के साथ राजभवन पहुंचकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों तथा रांची में जारी छात्र आंदोलन की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय होनी चाहिए ताकि युवाओं का विश्वास किसी भी परिस्थिति में कमजोर न पड़े। राज्यपाल ने कथित अनियमितताओं को गंभीर विषय बताते हुए आयोगों से ऐसी कार्यप्रणाली अपनाने की अपेक्षा जताई, जिससे उनकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे।

राजभवन से बाहर आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों और छात्र आंदोलन को लेकर राज्यपाल के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पहले से जांच और अनुसंधान की प्रक्रिया जारी है तथा विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि कई अन्य स्थानों पर जांच एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं। सीएम सोरेन ने भरोसा जताया कि जांच एजेंसियां पूरी गंभीरता और मजबूती के साथ अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जांच अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है और सरकार जल्द ही ठोस निर्णय लेने की स्थिति में होगी। गृह मंत्री से इस मामले में बातचीत के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर उनसे भी संवाद किया जाएगा। छात्रों के साथ सरकार की बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार का दरवाजा सभी के लिए खुला है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों या संगठनों की सरकार से कोई मांग है, वे सीधे अपनी बात सरकार के समक्ष रख सकते हैं। उनकी मांगों की जानकारी सरकार को पहले से है, लेकिन यदि छात्र प्रतिनिधि औपचारिक रूप से अपनी बात रखेंगे तो सरकार उन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छात्रों की कई मांगें विभिन्न जांच एजेंसियों और प्रक्रियाओं से जुड़ी हुई हैं। देश में अलग-अलग एजेंसियां अपने-अपने तरीके से जांच करती हैं, लेकिन झारखंड सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और समय पर कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कहा कि कई अन्य राज्यों में भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन वहां सरकारें अक्सर त्वरित कार्रवाई नहीं करतीं। हेमंत सोरेन ने दोहराया कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ऐसे में अब छात्र आंदोलन और सरकार के बीच संभावित संवाद पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इससे भर्ती विवाद के समाधान की दिशा तय हो सकती है।


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