झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी के लिए एनडीए ने बिछाई रणनीतिक बिसात, 'अंतरात्मा की आवाज' पर क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज
रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। सूबे के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल और तेज हो गई, जब सोमवार देर शाम प्रदेश भाजपा कार्यालय में एनडीए विधायक दल की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य और एकमात्र उद्देश्य एनडीए समर्थित प्रत्याशी व विख्यात उद्योगपति परिमल नाथवानी की जीत हर हाल में सुनिश्चित करना तथा गठबंधन के सभी विधायकों को एकजूट रखना था। इस बैठक के बाद से ही राज्य में क्रॉस वोटिंग की अटकलें और सियासी जोड़-तोड़ की चर्चाएं हवा में तैरने लगी हैं।
रणनीति तैयार करने के लिए बुलाई गई इस बैठक में एनडीए के तमाम शीर्ष रणनीतिकार और नेता एक मंच पर नजर आए। बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल और खुद प्रत्याशी परिमल नाथवानी समेत एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक मौजूद रहे। देर रात तक चली इस बैठक में नेताओं ने राज्यसभा चुनाव के पल-पल बदलते समीकरणों, वोटों के गणित और मतदान के दिन अपनाई जाने वाली गोपनीय रणनीति पर विस्तार से मंथन किया। वर्तमान में झारखंड विधानसभा के भीतर जो संख्या बल की स्थिति है, उसके अनुसार राज्यसभा चुनाव में एनडीए के पाले में कुल 24 पक्के वोट दिखाई दे रहे हैं। लेकिन, परिमल नाथवानी को संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) तक पहुंचाने की राह इतनी आसान नहीं है, क्योंकि जीत का जादुई आंकड़ा छूने के लिए एनडीए को अब भी कम से कम चार (4) अतिरिक्त मतों की सख्त दरकार है। यही वजह है कि इस त्रिशंकु मुकाबले में अब 'क्रॉस वोटिंग' और 'अंतरात्मा की आवाज' के आधार पर होने वाले मतदान की गूंज सबसे ज्यादा सुनाई दे रही है। बैठक खत्म होने के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बड़ा और सधा हुआ बयान देकर विपक्षी खेमे की धड़कनें बढ़ा दी हैं। उन्होंने पूरी ताकत के साथ दावा करते हुए कहा, "विपक्षी गठबंधन के कई ऐसे विधायक हैं, जो इस बार अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनेंगे और एनडीए प्रत्याशी परिमल नाथवानी के पक्ष में खुलकर मतदान करेंगे। राजनीतिक विश्लेषक मरांडी के इस बयान को सीधे तौर पर महागठबंधन के भीतर होने वाली एक बड़ी और संभावित सेंधमारी से जोड़कर देख रहे हैं। वैसे भी, झारखंड के सियासी इतिहास में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के आरोपों का एक पुराना इतिहास रहा है, जिसके कारण इस बार का यह मुकाबला और भी ज्यादा दिलचस्प और रोमांचक मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि एनडीए का एक-एक विधायक चट्टानी एकता के साथ एकजुट है और परिमल नाथवानी की जीत की पटकथा लिखी जा चुकी है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि राज्य के सभी 81 विधायक इस चुनाव में मतदाता हैं और विरोधियों के खेमे से कई विधायक देश व राज्य के विकास के लिए नाथवानी के पक्ष में वोट डालेंगे। जायसवाल ने पूरे विश्वास के साथ दावा किया कि एनडीए प्रत्याशी की जीत तय है और इसमें कोई संशय नहीं है।