झारखंड विजन 2050: ₹10,000 करोड़ का निवेश, एआई नीति और 1 लाख युवाओं को रोजगार का रोडमैप
रांची। झारखंड को देश का पहला सार्वजनिक प्रशासन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026' के आखिरी दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में 'झारखंड विजन-2050' और 'झारखंड एआई नीति 2026-2031' का भव्य खाका पेश किया गया। इस महा-योजना के तहत राज्य सरकार का लक्ष्य 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करना और भविष्य की तकनीक के माध्यम से एक लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
राज्य सरकार ने इस डिजिटल क्रांति को धरातल पर उतारने के लिए आगामी पांच वर्षों में 1,150 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष निवेश का प्रस्ताव रखा है। इस राशि का उपयोग एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, डिजिटल क्षमताओं के विस्तार और विभिन्न सरकारी विभागों को आधुनिक बनाने के लिए किया जाएगा। विजन-2050 के तहत राज्य में 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे और 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को सीधे बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए रांची में 100.97 एकड़ क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय आईटी पार्क का निर्माण प्रस्तावित है। सुशासन और सरकारी सेवाओं को पारदर्शी व त्वरित बनाने के लिए सरकार 'मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' स्थापित करने जा रही है। यह एआई-आधारित सिस्टम सरकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सीधे लाइव मॉनिटरिंग करेगा। झारखंड सरकार की इस नीति में आम नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं और डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली शुरू की जाएगी, जिसकी पहुंच राज्य की आखिरी पंचायत तक होगी। नीति में डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और जिम्मेदारी पूर्ण तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है ताकि नागरिकों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे। दीर्घकालिक तकनीकी विकास के लिए राज्य सरकार ने 'स्टेट एआई मिशन', 'झारखंड एआई क्लाउड', 'एआई इनोवेशन हब', 'एआई पार्क' और 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' विकसित करने की घोषणा की है। यह पूरा इकोसिस्टम उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के बीच तालमेल बिठाकर युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए हुनरमंद बनाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में प्रस्तुत इस विजन के माध्यम से प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स और निवेशकों को झारखंड के साथ जुड़ने का खुला आमंत्रण दिया गया है। इस रणनीतिक सुधार से झारखंड न सिर्फ निवेश के लिए सबसे पसंदीदा राज्य बनेगा, बल्कि नागरिक केंद्रित सुशासन में देश का नेतृत्व करेगा।