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झारखंड का 'विजन 2050': दिल्ली में जुटेंगे देश-विदेश के दिग्गज, सीएम  हेमंत सोरेन की मौजूदगी में खुलेगा निवेश का पिटारा

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 08, 2026 02:07 PM
Jharkhand's 'Vision 2050': Stalwarts from India and abroad to gather in Delhi; investment opportunities to be unveiled in the presence of CM Hemant Soren.

रांची। झारखंड को औद्योगिक, तकनीकी और आर्थिक रूप से देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। देश की राजधानी नई दिल्ली में 8 और 9 जुलाई को दो दिवसीय 'राष्ट्रीय हितधारक परामर्श का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की सीधी मौजूदगी में होने वाले इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में देश-विदेश के नामचीन उद्योगपति, बड़े निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ और शीर्ष नीति निर्माता एक मंच पर जुटेंगे। इस महामंथन का मुख्य उद्देश्य झारखंड में उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), कृत्रिम बुद्धिमत्ता , डिजिटल शासन और पर्यटन के क्षेत्र में भारी निवेश आकर्षित करना और राज्य के 'विजन 2050' को नई गति देना है।

सरकार इस मंच का उपयोग उद्योग जगत के दिग्गजों से सीधे सुझाव लेने और राज्य की नीतियों को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए कर रही है। कार्यक्रम के दौरान कई क्रांतिकारी नीतियों के ड्राफ्ट (मसौदे) जारी किए जाएंगे, जो आने वाले समय में निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलेंगे। झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति,झारखंड निवेश प्रोत्साहन नीति,झारखंड पर्यटन नीति और वस्त्र नीति,झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण नियमावली,सार्वजनिक-निजी भागीदारी नीति,रोजगार और विकास पर सरकार का फोकस राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि इन दूरगामी नीतियों के लागू होने से न केवल राज्य में वैश्विक स्तर का निवेश आएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। परामर्श कार्यक्रम का पहला दिन पूरी तरह से आधुनिक तकनीक और डिजिटल बदलावों को समर्पित रहेगा। इस दौरान मुख्य रूप से डिजिटल शासन और सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना को मजबूत करने पर गहन चर्चा होगी। देशभर से आए विशेषज्ञ राज्य में आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी पार्क बनाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विस्तार और सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप से जनता तक आसानी से पहुँचाने के रोडमैप पर अपने बहुमूल्य सुझाव देंगे। इसके तुरंत बाद, मुख्यमंत्री और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ 'सीधी बातचीत' होगी। पहले दिन का मुख्य आकर्षण 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य' पर एक विशेष सत्र होगा, जिसमें एआई के क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है। कार्यक्रम के दूसरे दिन का फोकस झारखंड के पारंपरिक और प्राकृतिक संसाधनों को भुनाने पर होगा। सत्र की शुरुआत में उद्योग, निवेश और राज्य की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन क्षमता को वैश्विक निवेशकों के सामने एक प्रभावी प्रस्तुति के माध्यम से रखा जाएगा। नए उद्योग स्थापित करने के लिए देश के बड़े औद्योगिक समूहों के साथ कई रणनीतिक एमओयू साइन किए जाएंगे। इसी दिन सरकार विभिन्न विभागों की नई नीतियों के मसौदों को सार्वजनिक करने के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं को सुगम बनाने के लिए कई 'नए पोर्टलों' का भी शुभारंभ करेगी।कारोबार और तकनीक के इस दो दिवसीय गंभीर महामंथन का समापन झारखंड की सोंधी माटी की खुशबू के साथ होगा। कार्यक्रम के अंत में झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य (जैसे छऊ, पांतकर) और मधुर संगीत पर आधारित एक भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। इसमें देश-विदेश से आए उद्योगपति और विदेशी अतिथि झारखंड की कला-संस्कृति से रूबरू होंगे, जो राज्य की एक अलग और खूबसूरत छवि वैश्विक पटल पर अंकित करेगी।
 


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