किश्तवाड़ में 326 दिन चला जॉइंट ऑपरेशन: 7 आतंकवादी ढेर, सेना का दावा
जम्मू। भारतीय सेना ने सोमवार को दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चटरू और आसपास के घने जंगलों में 326 दिनों तक चले संयुक्त अभियान में सात आतंकवादियों को मार गिराया गया है। यह ऑपरेशन सेना, जम्मू और कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के समन्वित प्रयासों से अंजाम दिया गया। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, यह आतंकी समूह लंबे समय से पहाड़ी और दुर्गम जंगल क्षेत्रों में छिपकर सुरक्षा बलों से बचता रहा। हाल के महीनों में यह इलाका कई मुठभेड़ों का केंद्र बना रहा। मजबूत खुफिया नेटवर्क और सिविल व मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसियों से प्राप्त सटीक जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने विभिन्न स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाए और आखिरकार सभी सात वांछित आतंकियों को ढेर कर दिया।
सेना ने बताया कि इस पूरे अभियान में आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया गया। एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, आरपीए/यूएवी और अत्याधुनिक संचार प्रणालियों की मदद से दुर्गम इलाकों में आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। प्रवक्ता ने कहा कि यह सफलता जवानों की दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और सटीक रणनीति का परिणाम है। रविवार को किश्तवाड़ के पासेरकुट इलाके में हुई मुठभेड़ में टॉप आतंकी कमांडर सैफुल्लाह और उसके दो साथियों को मार गिराया गया। इससे पहले 4 फरवरी को चटरू के डिचर इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में एक अन्य आतंकी मारा गया था। गौरतलब है कि जनवरी में जंगलों में हुई एक भीषण मुठभेड़ में सेना का एक जवान शहीद भी हुआ था। 18 जनवरी के बाद से यह चौथी बार था जब सुरक्षा बलों ने इस क्षेत्र में आतंकियों से संपर्क स्थापित किया। सेना ने कहा कि सैफुल्लाह और उसके साथियों का खात्मा यह दर्शाता है कि देश की सुरक्षा के लिए तैनात वर्दीधारी जवानों और खुफिया एजेंसियों के मजबूत इरादों के सामने आतंकवाद ज्यादा समय तक टिक नहीं सकता। इस ऑपरेशन को क्षेत्र में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।