40 मिनट में पटना का सफर होगा पूरा', मुजफ्फरपुर को सीएम सम्राट चौधरी की 1,047 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुजफ्फरपुर को 1,047.09 करोड़ रुपये की लागत वाली 982 विकास योजनाओं की सौगात दी। नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से एमआईटी मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए कहा कि इन योजनाओं से शहर के आधारभूत ढांचे, शहरी सुविधाओं और जनकल्याण कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में रैपिड रेल और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मुजफ्फरपुर से पटना का सफर महज 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित बिहार के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक आधारभूत संरचना, बेहतर शहरी सुविधाओं और तेज परिवहन व्यवस्था के माध्यम से बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर सहित पूरे उत्तर बिहार के विकास को नई दिशा देने के लिए एक्सप्रेस-वे परियोजना पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही बिहार में प्रस्तावित रैपिड रेल परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में जहां मुजफ्फरपुर से पटना पहुंचने में करीब चार घंटे का समय लगता है, वहीं रैपिड रेल शुरू होने के बाद यह दूरी लगभग 40 मिनट में तय की जा सकेगी। उनका कहना था कि इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और निवेश को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार के 12 जिलों में पटना के कंकड़बाग की तर्ज पर आधुनिक सैटेलाइट सिटी विकसित की जाएगी। इन शहरों में बेहतर सड़क, जलनिकासी, आवास, पार्क, सार्वजनिक सुविधाएं और आधुनिक शहरी ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे तेजी से बढ़ते शहरीकरण को नई दिशा मिलेगी और लोगों को अपने जिले में ही बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कुछ वर्ष पहले नाले का पानी बहता था, आज वहां आधुनिक विकास दिखाई दे रहा है। आने वाले वर्षों में यही क्षेत्र लाखों लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार तेज गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मियों से पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए कार्य संस्कृति में बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब केवल 12 घंटे काम करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि 18 घंटे काम करने की सोच और समर्पण के साथ आगे बढ़ना होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित विकास योजनाओं और भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से मुजफ्फरपुर सहित पूरे उत्तर बिहार में आधारभूत ढांचे और शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।