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जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा परीक्षा धांधली मामला: पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को सीआईडी का समन, आज मुख्यालय में होगी पूछताछ

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 28, 2026 05:07 AM
JPSC 14th Civil Services Exam Irregularity Case: CID summons former Chairman L. Khyangte; questioning to take place at headquarters today.

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को पूछताछ के लिए समन जारी कर मंगलवार को सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि यह पूछताछ बहुचर्चित परीक्षा विवाद की जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है।

सीआईडी के अनुसार, 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित धांधली, चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। इसी क्रम में पूर्व अध्यक्ष से परीक्षा संचालन, परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया, आउटसोर्स एजेंसी के चयन और आयोग द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों पर विस्तार से सवाल किए जाएंगे। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि परीक्षा के दौरान विभिन्न स्तरों पर लिए गए फैसलों का आधार क्या था और उनमें किस-किस अधिकारी की क्या भूमिका रही। साथ ही परीक्षा संचालन से जुड़े दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का भी बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। मामले से जुड़े सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान कर तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। अभ्यर्थियों ने कथित धांधली, मेरिट सूची में अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। लंबे समय तक चले विरोध-प्रदर्शन और बढ़ते विवाद के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी थी। अब पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को पूछताछ के लिए तलब किए जाने को जांच का सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर भी इस कार्रवाई पर टिकी हुई है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि जांच से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आएंगे और यदि किसी स्तर पर अनियमितता साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीआईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पड़ताल के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल, पूर्व अध्यक्ष से होने वाली पूछताछ को पूरे मामले में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।


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