ईरान-इजरायल युद्ध की आग में फंसा काशीपुर का लाल: मर्चेंट नेवी अफसर अर्पित की वापसी के लिए परिवार ने सीएम धामी से लगाई गुहार
काशीपुर। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के बादलों ने देवभूमि उत्तराखंड के एक घर में मातम जैसा सन्नाटा पसरा दिया है। काशीपुर के मोहल्ला श्यामपुरम (वार्ड नंबर 4) निवासी अर्पित सैनी इस समय ईरान में फंसे हुए हैं। मर्चेंट नेवी में सेकंड अफसर के पद पर तैनात अर्पित के परिजनों ने शासन और प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्र सरकार से अपने बेटे की सुरक्षित वतन वापसी की भावुक अपील की है।
अर्पित के पिता विनोद कुमार सैनी काशीपुर में ही लेडीज गारमेंट्स की एक छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि अर्पित करीब 8 महीने पहले मर्चेंट नेवी में भर्ती हुआ था। शुरुआत में वह यूरोप में कार्यरत था, लेकिन बाद में बेहतर अवसर के लिए उसने दुबई की एक कंपनी जॉइन कर ली। काम के सिलसिले में उसका ईरान आना-जाना लगा रहता था। अर्पित की 10 मार्च की घर वापसी की फ्लाइट थी, लेकिन उससे पहले ही वह काम के सिलसिले में जहाज के साथ ईरान की सीमा में चला गया, जहाँ युद्ध छिड़ने के कारण वह वहीं फंस गया है। अर्पित की मां नीलम सैनी और छोटी बहन कशिश की आंखों के आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे हैं। मां नीलम का कहना है कि वे डर के मारे खाना भी नहीं खा पा रहे हैं। अर्पित से केवल एक-दो मिनट की वॉयस कॉल पर बात हो पाती है क्योंकि वहां नेटवर्क और सुरक्षा की गंभीर स्थिति है। नीलम कहती हैं, "मेरा बेटा फोन पर कहता है कि मम्मी चिंता मत करो, मैं ठीक हूँ। लेकिन एक मां का दिल जानता है कि वह वहां कितनी मुश्किल में होगा। वहीं, बहन कशिश ने बताया कि अर्पित परिवार का बड़ा बेटा है और जहाज पर होने के कारण वहां खाने-पीने और रहने की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। समुद्र में मिसाइलें गिरने की खबरों से पूरा परिवार डरा हुआ है।
बेटे की सलामती के लिए विनोद कुमार सैनी ने मेयर दीपक बाली और तहसीलदार पंकज चंदोला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। इस मामले में ऊधम सिंह नगर के अपर जिलाधिकारी (ADM) कौस्तुभ मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले के ऐसे सभी व्यक्तियों की सूची तैयार की जा रही है, जो युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हैं। एडीएम मिश्रा ने कहा, "सभी तहसीलों से जानकारी मांगी गई है। भारत सरकार का विदेश मंत्रालय इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और जैसे ही उच्च स्तर से दिशा-निर्देश मिलेंगे, अर्पित समेत सभी नागरिकों की सहायता सुनिश्चित की जाएगी।" युद्ध के इस दौर में अर्पित का परिवार अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। काशीपुर के इस परिवार की बस एक ही मांग है हमारा बेटा और उसके साथ फंसे अन्य भारतीय नागरिक सुरक्षित अपने देश लौट आएं।