बम-बम भोले के जयकारों से गूंजी केदारघाटी: कल सुबह 8 बजे खुलेंगे बाबा केदार के कपाट,सीएम धामी बनेंगे साक्षी
रुद्रप्रयाग। दुनिया भर के करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र और ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट कल, 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे विधि-विधान के साथ खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा। इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं धाम में मौजूद रहकर बाबा केदार की प्रथम पूजा-अर्चना में शामिल होंगे।
कपाट खुलने की पूर्व संध्या पर केदारनाथ मंदिर को कई टन फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। आज बाबा केदार की पंचमुखी डोली अपने अंतिम पड़ाव गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए रवाना हो चुकी है। श्रद्धालुओं के भारी उत्साह और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से पूरी केदारघाटी भक्तिमय हो गई है। देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पैदल मार्ग और हेलीकॉप्टर के जरिए धाम पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने इस बार यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। मुख्य पैदल मार्ग पर हर दो किलोमीटर पर स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही पूरे मार्ग पर सौर ऊर्जा और विद्युत लाइटों की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर आवास, स्वच्छ पेयजल और आधुनिक शौचालयों के साथ-साथ गर्म पानी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मुस्तैद हैं। राजस्थान, ऋषिकेश, देहरादून और पौड़ी से आए श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है। मंदिर समिति ने इस बार एक बड़ा फैसला लिया है। मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती के अनुसार, केदारनाथ मंदिर परिसर के भीतर अब मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर की गरिमा और पवित्रता बनाए रखने के लिए परिसर के अंदर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील्स बनाने पर रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। चमोली की पुष्पा बिष्ट और पौड़ी की सोनाली नेगी जैसे कई यात्रियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा की गई सड़कें, शौचालय और आवास की व्यवस्थाएं सराहनीय हैं। कपाट खुलने के शुभ मुहूर्त को लेकर मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। अब बस इंतजार है उस पल का, जब छह माह बाद बाबा केदार अपने भक्तों को दर्शन देंगे।