केदारनाथ यात्राः हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों से रखी जा रही है पैनी नजर! समस्याओं के निराकरण के लिये यात्रा कंट्रोल रूम के नंबर हुए जारी
रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड में लगातार मौसम खराब है और केदारनाथ धाम की यात्रा जारी है। रिकार्ड संख्या में तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। ऐसे में कंट्रोल रूम से यात्रा की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। स्वयं जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार धाम, पैदल यात्रा मार्ग सहित केदारनाथ हाईवे और हेलीपैडों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिये यात्रा की मॉनेटरिंग कर रहे हैं। एक सप्ताह से अधिक का समय हो गया है और मौसम लगातार खराब है। केदारनाथ धाम सहित निचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है। बारिश और ठंड के बीच भारी संख्या में यात्री केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो, इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार स्वयं यात्रा की मॉनेटरिंग कर रहे हैं। कभी केदारनाथ धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं को देख रहे हैं तो जिला मुख्यालय में यात्रा कंट्रोल रूम के जरिये यात्रा की हर गतिविधि पर नजर बनाये हुये हैं। यात्रा के सफल संचालन के लिये मुख्य बाजार रुद्रप्रयाग में 16, गुप्तकाशी व आसपास के क्षेत्र में 20, सोनप्रयाग व आस-पास के क्षेत्र में 14, गौरीकुंड में 12 कैमरे लगाये गये हैं। इसके अतिरिक्त पैदल यात्रा मार्ग और पड़ावों सहित केदारनाथ धाम भी पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों में कैद है। इस बार प्रशासन की ओर से बेस्ट क्वालिटी के कैमरे लगाये गये हैं। इन कैमरों की जूमिंग क्षमता अधिक है और हरेक गतिविधि स्पष्ट दिखाई दे रही है। जाम लगने, नौ पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने सहित अन्य की स्थिति से पुलिस को अवगत कराया जा रहा है। यात्रा कंट्रोल रूम में हर समय कर्मचारी तैनात हैं। यात्रा मार्ग और धाम में प्रशासन की ओर से यात्रा कंट्रोल रूम के नंबर भी लगाये गये हैं, जिससे कोई समस्या होने पर यात्री यात्रा कंट्रोल रूम को अवगत करा सके। यात्रा कंट्रोल रूम में यात्री की समस्या दर्ज हो रही है और फिर संबंधित विभाग और सेक्टर मजिस्ट्रेट यात्री की समस्या का निराकरण कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से आपदा कंट्रोल रूम के 8958757335, 01364-297878, 01364-233727 आदि नंबर जारी किये गये हैं। यात्रा मार्ग और धाम में दस स्थानों पर सेव आवर सोल्स भी लगाये गये हैं। सेव आवर सोल्स किसी भी आपत स्थिति में उपयोग में लाया जा सकता है।