बारिश ने बदली देहरादून की तस्वीर: AQI 6 पर पहुंचा, पांच साल में सबसे साफ हवा, पहाड़ियां फिर दिखने लगीं
देहरादून। राजधानी देहरादून की आबोहवा ने एक बार फिर अपनी पुरानी सुंदरता और स्वच्छता की पहचान लौटा दी है। बीते 72 घंटों में लगातार हुई बारिश और उसके बाद निकली तेज धूप ने न केवल मौसम को सुहावना बना दिया, बल्कि वायु प्रदूषण को भी इतना कम कर दिया कि दूर-दूर तक हिमालय की चोटियां साफ नजर आने लगी हैं। यह नजारा दूनवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से प्रदूषण की मार झेल रहे थे। कुछ दिन पहले तक देहरादून का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से 350 के बीच पहुंच चुका था, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। शहर की स्थिति दिल्ली से भी बदतर बताई जा रही थी। लेकिन मौसम के इस बड़े बदलाव ने हालात पूरी तरह पलट दिए। शनिवार को देहरादून का AQI न्यूनतम स्तर 6 दर्ज किया गया, जो 'बेहतरीन' (Good) श्रेणी में आता है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में मार्च महीने में AQI इतना कम कभी नहीं आया था। वर्ष 2022 में यह 20, 2023 और 2024 में 21 के आसपास, जबकि 2025 में 25 दर्ज किया गया था। AQI का 6 तक पहुंचना एक रिकॉर्ड स्तर का सुधार माना जा रहा है।
इस गिरावट का मुख्य कारण लगातार हुई वर्षा है। बारिश ने वातावरण में मौजूद धूल कणों, PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक तत्वों को जमीन पर धो दिया। इसके बाद निकली धूप और साफ आसमान ने हवा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव पराग मधुकर ने कहा कि बारिश के कारण वातावरण साफ हुआ है और AQI में यह गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि यदि मौसम इसी तरह सहयोग करता रहा तो आने वाले दिनों में भी हवा स्वच्छ बनी रह सकती है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यह सुधार अस्थायी है। जैसे ही मौसम शुष्क होगा और निर्माण कार्य, वाहन प्रदूषण तथा धूल फिर से बढ़ेगी, AQI में उछाल आ सकता है। इसलिए वायु प्रदूषण के स्थायी समाधान जैसे वृक्षारोपण, वाहन उत्सर्जन नियंत्रण और औद्योगिक नियमन पर जोर देना जरूरी है। मौसम विभाग ने भी राहत भरी भविष्यवाणी की है। अगले 24 घंटों में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसका सकारात्मक असर देहरादून और आसपास के क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। दूनवासियों के लिए यह बदलाव वरदान साबित हुआ है। जहां कुछ दिन पहले प्रदूषण से आंखों में जलन, सांस की तकलीफ और स्वास्थ्य समस्याएं आम थीं, वहीं अब साफ हवा और ठंडक ने लोगों को बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया है। पार्कों, मॉल रोड और सहस्त्रधारा जैसे स्थानों पर सुबह-शाम टहलने वालों की भीड़ बढ़ गई है। लोग इस स्वच्छ वातावरण का भरपूर आनंद ले रहे हैं। यह सुधार मौसम की मेहरबानी का नतीजा जरूर है, लेकिन यह एक सबक भी है कि बिना स्थायी प्रयासों के प्रदूषण फिर लौट सकता है। फिलहाल देहरादून एक बार फिर अपनी 'क्लीन एयर सिटी' वाली छवि की ओर बढ़ता दिख रहा है और लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।