लखीमपुर खीरी हिंसा अपडेट : किसानों और प्रशासन के बीच हुआ इस शर्त के साथ हुआ समझौता
देश के इतिहास के पन्नो में एक और काला दिन जुड़ गया जब जय जवान जय किसान का अमर नारा देने वाले लोकप्रिय प्रधानमंत्री की जयंती के अगले ही दिन राजनीति ने जवान और किसानों को आपस मे ही भिड़ा दिया। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के दौरान 4 किसानों ,3 बीजेपी कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार की मौत हो गयी। इस हिंसा के बाद किसानों का लगातार प्रदर्शन जारी है। किसानों ने हिंसा में मारे गए किसानों के शवों को बीच सड़क पर रखकर न्याय की मांग की है।
खबरों की माने किसानों के इस प्रदर्शन पर किसानों और लखीमपुर खीरी प्रशासन के बीच समझौता हो गया है।
सूत्रों से मिल रही खबर के मुताबिक हिंसा के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को 45-45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जायेगी। हिंसा में घायल हुए किसानों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इस पूरे मामले में जांच निगरानी कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस करेंगे।
आपको बता दें कि किसान नेता राकेश टिकैत और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशान्त कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर ये सारी जानकारी दी है। हालातों को काबू करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने ही एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशान्त कुमार को लखीमपुर खीरी भेजा है।
वही किसान नेता राकेश टिकैत ने भी अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 'पहली बात हुई है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का नाम एफआईआर में दर्ज हुआ है, 10-11 दिन का जो समय प्रशासन ने मांगा है अगर उसके अंदर का कार्रवाई नहीं की गई तो हम पंचायत करेंगे, हम किसानों के दाह संस्कार तक यही रहेंगे और पांच डॉक्टरों की निगरानी में पोस्टमॉर्टम होगा और उसका वीडियो रिकॉर्डिंग ही किया जाएगा'। 'अभी इंटरनेट नहीं चल रहा है इसलिए हमें बहुत सारी वीडियो सबूत नहीं मिले हो लेकिन जैसे ही इंटरनेट चलेगा, आपके पास कोई वीडियो है तो वह हमें जरूर भेजें।