कपकोट में नशे की बड़ी खेप बरामद: 2.162 किलो चरस के साथ वृद्ध तस्कर गिरफ्तार, एसओजी की कार्रवाई से हड़कंप
बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले अंतर्गत कपकोट क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान एक उम्रदराज व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2.162 किलोग्राम अवैध चरस बरामद की है। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कपकोट पुलिस और एसओजी की टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए महादेव पुलिया, गोलना के पास एक उम्रदराज व्यक्ति को 2.162 किलोग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ थाना कपकोट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद चरस कहां से लाई गई थी और इसे आगे किसे पहुंचाया जाना था। पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर को एसओजी टीम को क्षेत्र में मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़ी सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने महादेव पुलिया, गोलना के पास चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में वहां से गुजर रहे पदम सिंह टाकुली को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से बड़ी मात्रा में चरस बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ का वजन करने पर 2.162 किलोग्राम चरस मिली। इतनी मात्रा में चरस बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। बाद में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बरामद चरस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के लिए अब जांच का अगला चरण आरोपी से जुड़े कथित नशा तस्करी नेटवर्क का पता लगाना है। पूछताछ के जरिए यह जानकारी जुटाई जा रही है कि आरोपी के पास चरस कहां से पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद चरस को किसी अन्य स्थान पर पहुंचाया जाना था या स्थानीय स्तर पर इसकी सप्लाई की जानी थी। कपकोट क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार चेकिंग और निगरानी की जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में चरस और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी को रोकना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में बड़ी मात्रा में चरस की बरामदगी को नशे के खिलाफ अभियान की अहम कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वर्तमान मामले में आरोपी से पूछताछ और जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का फोकस केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर नशे की सप्लाई के स्रोत और इससे जुड़े लोगों तक पहुंचने पर भी है।