झारखंड में मतदाता सूची के महा-पुनरीक्षण का शंखनाद: राज्यपाल गंगवार ने खुद भरा प्रपत्र, बीएलओ मंजू कच्छप को सौंपा
रांची। झारखंड में लोकतंत्र की बुनियाद को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से 'मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) महा-अभियान की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई है। इस राष्ट्रव्यापी और अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राजभवन (लोकभवन) में स्वयं अपना गणना प्रपत्र भरा और उस पर हस्ताक्षर कर इस अभियान का विधिवत नेतृत्व किया। राज्यपाल ने रांची विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या-16 की बूथ स्तर पदाधिकारी (बीएलओ) मंजू कच्छप को अपना प्रपत्र सौंपकर राज्य के आम नागरिकों के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। इस अवसर पर राज्य के शीर्ष निर्वाचन अधिकारी भी मौजूद रहे।
राज्यपाल द्वारा गणना प्रपत्र भरने के इस गरिमामय क्षण के दौरान राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार, रांची के जिला निर्वाचन पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कुमार रजत विशेष रूप से उपस्थित रहे। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मतदाता सूची के इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़े सभी स्तर के पदाधिकारियों, प्रभारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों को इस महा-अभियान के सफल, पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पूरा विश्वास जताया कि निर्वाचन विभाग के समर्पित और निष्पक्ष प्रयासों से राज्य के प्रत्येक पात्र और योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जा सकेगा। निर्वाचन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत झारखंड के कुल 2 करोड़ 64 लाख 63 हजार 236 मतदाताओं के डेटा की सघन जांच और सत्यापन किया जाना है। इस बार की प्रक्रिया को बेहद सुगम और त्रुटिहीन बनाने के लिए विशेष गाइडलाइंस तय की गई हैं। अभियान के तहत प्रत्येक पंजीकृत वोटर के लिए विभाग द्वारा दो-दो इन्म्यूरेशन (गणना) फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। प्रत्येक वोटर को इन फॉर्मों को सही-सही भरकर और उस पर अपने हस्ताक्षर (या अंगूठे का निशान) कर बीएलओ को वापस सौंपना होगा। इस नए इन्म्यूरेशन फॉर्म में पिछले एसआईआर में दर्ज वोटर की पुरानी जानकारियों और क्रेडेंशियल्स का जिक्र करना पूरी तरह अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी तरह के फर्जीवाड़े या दोहरी प्रविष्टि को रोका जा सके। यह महत्वाकांक्षी अभियान आगामी 29 जुलाई तक पूरी मुस्तैदी से चलाया जाएगा। इस पूरी अवधि के दौरान बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) कड़ी धूप और विपरीत मौसम की परवाह किए बिना राजधानी रांची समेत राज्य के कोने-कोने में घर-घर जाकर प्रत्येक वोटर से सीधा संपर्क साधेंगे। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा मैं झारखंड के सभी पात्र और सम्मानित भारतीय नागरिकों से यह विशेष आह्वान करता हूँ कि मतदाता सूची के इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जब भी आपके क्षेत्र के बूथ स्तर पदाधिकारी (बीएलओ) आपके घर गणना प्रपत्र लेकर आएं, तो पूरी जिम्मेदारी के साथ उसे तत्काल भरें। हस्ताक्षर सहित उसे बीएलओ को उपलब्ध कराएं, ताकि कोई भी योग्य नागरिक अपने इस सबसे बड़े लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रह सके। राजनयिक और प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन (अपडेटेड) और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में निर्वाचन आयोग का यह एक बेहद ठोस कदम है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे बीएलओ का सहयोग करें और अपनी प्रविष्टियों की जांच समय रहते पूरी कर लें।