शिक्षा विभाग की टीम पर जानलेवा हमला! घर लौटते समय कार रोककर लाठी-डंडों से पीटा, डीपीएम समेत तीन घायल
भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर हुए जानलेवा हमले ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। गुरुवार देर शाम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रतनपुर ओवरब्रिज के समीप अज्ञात बदमाशों ने सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) राहुल रंजन समेत तीन शिक्षा कर्मियों पर हमला कर दिया। बदमाशों ने उनकी कार को बीच रास्ते में रोककर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में दिनभर का कार्य समाप्त करने के बाद डीपीएम राहुल रंजन अपने दो सहयोगियों के साथ वाहन से घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी रतनपुर ओवरब्रिज के पास पहुंची, तभी एक कार ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि कार से उतरे आधा दर्जन से अधिक लोगों ने बिना किसी चेतावनी के लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर काफी देर तक तीनों कर्मियों के साथ मारपीट करते रहे। स्थानीय लोगों के घटनास्थल की ओर बढ़ते ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल अधिकारियों का कहना है कि हमला पूरी तरह सुनियोजित था और हमलावरों की मंशा उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचाने की थी। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में तीनों का इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेंद्र कुमार राय तत्काल मुफस्सिल थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित शिक्षा विभाग के तीन कर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है और घटना के पीछे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। उधर, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। इस घटना ने सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े या कार्यालय से लौटते समय अधिकारियों पर इस तरह का हमला प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में भी घटना के बाद भय का माहौल है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर हमला किस वजह से किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।