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झारखंड में आसमानी आफत: 24 घंटे में बिजली गिरने से 8 मासूमों की मौत,3 महिलाएं और 2 बच्चे भी शामिल

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 14, 2026 09:06 AM
Lightning strikes in Jharkhand: 8 lives lost in 24 hours, including 3 women and 2 children.

रांची। झारखंड में पिछले 24 घंटे के भीतर मौसम का बेहद खौफनाक रूप देखने को मिला है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की दर्दनाक घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की अकाल मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। पुलिस और जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, इस आसमानी आफत का शिकार होने वालों में तीन महिलाएं और दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। इस अचानक आई आपदा से प्रभावित परिवारों में कोहराम मच गया है। पुलिस प्रशासन ने रविवार को आधिकारिक तौर पर बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान रांची और गढ़वा जिलों में हुआ है, जहां दो-दो लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इसके अलावा चतरा, गिरिडीह, सरायकेला-खरसावां और जामताड़ा जिलों से भी एक-एक व्यक्ति की मौत की अत्यंत दुखद खबर आई है।

खेतों में काम करने के दौरान बड़हू गांव के जीतू महली (55) और कतमकुली गांव की निराशा देवी (33) पर अचानक बिजली गिर गई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सुंडी गांव की रीना देवी (30) बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़ी थीं, तभी वह वज्रपात की चपेट में आ गईं। वहीं, मुकुंदपुर गांव के वृद्ध चरवाहे राम अवतार पाल (65) अपनी भेड़ों को चराते समय इस हादसे का शिकार हो गए। इको पार्क में मजदूरी करने वाली महिला श्रमिक गीता देवी (35) की बिजली गिरने से तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। इस प्राकृतिक आपदा में दो मासूम बच्चों की मौत ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है। गिरिडीह जिले के घोषकेडीह गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 10 वर्ष का एक बालक गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसे कोडरमा सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसी तरह जामताड़ा के बिथरा गांव में भी अपने पिता के साथ खेत की तरफ जा रहे 10 वर्षीय बच्चे की आसमानी बिजली गिरने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सरायकेला-खरसावां के राजनगर क्षेत्र से भी एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां संदिरडीह गांव में बारिश से बचने के लिए एक झोपड़ी में शरण लिए एक ही परिवार के तीन लोग हादसे का शिकार हो गए। इस घटना में 35 वर्षीय संजय देवगम की मौत हो गई, जबकि उनके बुजुर्ग पिता (60) और 9 साल की मासूम बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने इस आपदा के बाद ग्रामीण इलाकों के लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक, कड़कड़ाती धूप या तेज बारिश के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्ची झोपड़ियों के नीचे शरण लेना सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर तुरंत पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करें।


 


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