बिहार के बांका में आकाशीय बिजली का तांडव: पिता-पुत्र समेत 6 की दर्दनाक मौत, 7 लोग गंभीर रूप से झुलसे
बांका। बिहार के बांका जिले में रविवार की दोपहर आई तेज बारिश और भीषण गर्जन के बीच आकाशीय बिजली (वज्रपात) ने भारी तबाही मचाई है। खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों पर गिरे ठनका (बिजली) के कारण चार अलग-अलग प्रखंडों में 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 7 अन्य किसान-मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।
बिहार के बांका जिले में रविवार को तेज बारिश और गरज-चमक के बीच आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचा दी। जिले के अलग-अलग प्रखंडों में हुई वज्रपात की घटनाओं में एक ही दिन पिता-पुत्र समेत छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सात किसान और मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकांश हादसे उस समय हुए जब लोग खेतों में धान की रोपाई और कृषि कार्य में जुटे हुए थे। घटनाओं के बाद प्रभावित गांवों में मातम का माहौल है। सबसे हृदयविदारक घटना बांका टाउन थाना क्षेत्र के खावा गांव में हुई। गांव निवासी 35 वर्षीय ब्रह्मदेव यादव रविवार को खेत में काम करने गए थे। रविवार होने के कारण स्कूल बंद था, इसलिए उनका सात वर्षीय बेटा प्रिंस कुमार भी उनके साथ खेत चला गया। दोपहर में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ गरज-चमक शुरू हो गई। इसी दौरान आकाशीय बिजली सीधे पिता-पुत्र पर गिर गई। दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल बांका सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। टाउन थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। इसी थाना क्षेत्र के गुलाहो गांव में भी खेत में काम कर रहे विनोद यादव आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। वहीं, लीलावरण गांव में धान की रोपाई कर रही सरिता देवी की भी वज्रपात से मौत हो गई। उन्हें भी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एक अन्य हादसा अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर राय बहियार में हुआ। यहां खेत में धान की रोपाई कर रहे मजदूर अजय महतो पास के पेड़ पर गिरी बिजली की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें अमरपुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं बाराहाट प्रखंड के दफरपुर गांव में खेत में काम कर रहे किसान साधु तांती की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वज्रपात की इन घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए हैं। रजौन प्रखंड के सिमरौंधा, मुरादपुर और मोरामा गांवों में खेतों में काम कर रहे रीना देवी, कल्पना देवी, रीता देवी और दिनेश प्रताप सिंह आकाशीय बिजली की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इसी तरह चांदन प्रखंड के आनंदपुर थाना क्षेत्र स्थित दोमुहान गांव में धान की रोपाई के दौरान हैदर अंसारी, जीशान अंसारी और कारी देवी भी वज्रपात की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। लगातार हो रही बारिश और वज्रपात की घटनाओं ने एक बार फिर किसानों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग पहले ही कई जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी कर चुका है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें। बांका में एक ही दिन हुई इन दर्दनाक घटनाओं ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। खासकर खावा गांव में पिता-पुत्र की एक साथ मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता और मुआवजा दिए जाने की मांग की है, जबकि प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।