चमोली में आकाशीय बिजली का कहरः निजमुला घाटी में 500 बकरियों की मौत! एक झटके में उजड़ी भेड़पालकों की वर्षों की मेहनत, गहराया आजीविका संकट
चमोली। चमोली जनपद में मौसम की मार ने भेड़पालकों की जिंदगी पर गहरा असर डाला है। विकासखंड दशोली की निजमुला घाटी के गौणा-भनाली तोक में आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक दर्जन से अधिक भेड़पालकों की करीब 500 बकरियों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है और प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि देर रात अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आकर बड़ी संख्या में बकरियां मौके पर ही मारी गईं। हादसे में राकेश सिंह, हुकम सिंह और मदन लाल समेत कई पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार यह नुकसान लाखों रुपये में आंका जा रहा है। पीड़ित भेड़पालकों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से अपने पशुधन को खड़ा किया था, लेकिन एक ही पल में सब कुछ खत्म हो गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि भनाली तोक से करीब 500 बकरियों के मरने की सूचना प्राप्त हुई है। प्रशासन की टीम को मौके पर भेजा गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित पशुपालकों को राहत दिलाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि आईएमडी ने 3, 4 और 5 मई 2026 के लिए चमोली समेत उत्तराखंड के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। विभाग ने पहले ही ओलावृष्टि, तेज बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी थी। रविवार रात से ही जिले में मौसम खराब बना हुआ है और सोमवार सुबह तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहा। इधर मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और उधमसिंह नगर जिलों में भी खराब मौसम की आशंका जताई है। इन क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने सभी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।