बंगाल में 'कमल' राज: शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, ब्रिगेड ग्राउंड में रचा गया नया इतिहास
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीतिक आबो-हवा में 9 मई 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। दशकों के सियासी संघर्ष और सत्ता परिवर्तन की लंबी प्रतीक्षा के बाद, बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार का उदय हुआ है। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित एक भव्य और जनसैलाब से भरे समारोह में शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के तमाम दिग्गज रणनीतिकार मौजूद थे। जैसे ही राज्यपाल ने शुभेंदु अधिकारी को शपथ दिलाई, पूरा मैदान 'जय श्री राम' और 'सोनार बांग्ला' के नारों से गूंज उठा। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद एक भावुक क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री मोदी के पास जाकर उनके पैर छुए और आशीर्वाद लिया। शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष समेत चार अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। राजनीतिक गलियारों में इस नई कैबिनेट को अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन का बेजोड़ संगम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कैबिनेट का विस्तार कर अन्य चेहरों को भी जगह दी जाएगी। शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने से उनके गृह क्षेत्र और पड़ोसियों में भारी उत्साह है। उनके एक पड़ोसी ने भावुक होते हुए कहा, "शुभेंदु शुरू से ही जमीन से जुड़े नेता रहे हैं। वे अपने पुराने साथियों और संघर्ष के दिनों को कभी नहीं भूलते। हमें पूरा विश्वास है कि जो संवेदनशीलता वे अपने दोस्तों और पड़ोसियों के प्रति दिखाते हैं, वही अब पूरे बंगाल की जनता के लिए दिखेगी। स्थानीय निवासियों और राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार के सामने चुनौतियों का पहाड़ है। जनता को उम्मीद है कि शुभेंदु सरकार में राज्य की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और शिक्षा के स्तर में क्रांतिकारी सुधार होगा। विशेष रूप से सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करना और स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना नई सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। बंगाल अब एक नए नेतृत्व के साथ विकास की नई राह पर चलने को तैयार है। शुभेंदु अधिकारी के कंधों पर अब उस 'सोनार बांग्ला' के सपने को सच करने की जिम्मेदारी है, जिसका वादा भाजपा ने जनता से किया था।