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एलयूसीसी महाघोटाला: उत्तराखंड में मास्टरमाइंड समीर अग्रवाल की 3 संपत्तियां 'अटैच', जल्द होगी नीलामी,मुंबई-यूपी के ठिकानों पर भी शिकंजा

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 14, 2026 08:06 AM
LUCC Mega-Scam: 3 properties of mastermind Sameer Agarwal in Uttarakhand 'attached' and set for auction; authorities also tightening the net around locations in Mumbai and UP.

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित एलयूसीसी निवेश घोटाले के पीड़ितों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। शासन के वित्त विभाग ने इस महाघोटाले के मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसके सिंडिकेट की उत्तराखंड स्थित तीन बेशकीमती संपत्तियों को आधिकारिक तौर पर अटैच (जब्त) कर लिया है। अब इन संपत्तियों को न्यायालय के माध्यम से नीलाम करने की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नीलामी से प्राप्त होने वाली शत-प्रतिशत राशि का उपयोग ठगी के शिकार हुए मासूम निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए किया जाएगा।

उत्तराखंड के साथ-साथ अब देश के अन्य राज्यों में भी आरोपियों द्वारा छिपाई गई काली कमाई को जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके लिए उत्तराखंड शासन जल्द ही उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर एक संयुक्त बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि देश की शीर्ष जांच एजेंसी सीबीआई ने नवंबर 2025 में इस पूरे प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कर अपनी गहन जांच शुरू की थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल के सगे साले समेत कुल सात शातिर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि समीर अग्रवाल का साला अपने साथियों के साथ मिलकर निवेशकों से ठगी गई मोटी रकम को रियल एस्टेट में खपा रहा था। ठगी के इस पैसे से सबसे ज्यादा बेनामी संपत्तियां महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में खरीदी गईं। इनमें से कई बेहद बेशकीमती और प्राइम लोकेशन वाले प्लॉट देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में खरीदे गए हैं, जिनकी वर्तमान बाजार कीमत ₹100 करोड़ से भी ज्यादा आंकी गई है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भी आरोपियों की कई संपत्तियों का पता चला है। सीबीआई ने देश भर में फैले इस नेटवर्क की बेनामी संपत्तियों का भौतिक सत्यापन करने के बाद, इसी वर्ष अप्रैल महीने से लेकर अब तक उत्तराखंड शासन को कुल 34 संदिग्ध व बेनामी संपत्तियों का पूरा ब्योरा सौंपा था। इन सभी संपत्तियों को राज्य के वित्त विभाग के माध्यम से 'अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम-2019' (बड्स एक्ट) के तहत कुर्क और नीलाम किया जाना है। इसी कड़ी में पहली कार्रवाई करते हुए तीन संपत्तियों को सील कर दिया गया है। इस बड़े एक्शन पर उत्तराखंड के वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने सख्त रुख अपनाते हुए आधिकारिक तौर पर कहा "हमने बड्स एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत उत्तराखंड स्थित तीन मुख्य संपत्तियों को अटैच कर लिया है। इसकी आधिकारिक रिपोर्ट तुरंत न्यायालय को भेजी जा रही है, जिसके तुरंत बाद पारदर्शी तरीके से नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हमारा एकमात्र लक्ष्य निवेशकों का पैसा जल्द से जल्द वापस दिलाना है। अन्य राज्यों की संपत्तियों को लेकर भी हम लगातार वहां के गृह और वित्त विभागों के संपर्क में हैं। बहुत जल्द उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी आरोपियों की 100 करोड़ी संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।


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