• Home
  • News
  • Mafia Atiq used to run syndicate from Sabarmati jail, know what is the secret of white and pink slip

साबरमती जेल से माफिया अतीक चलाता था सिंडिकेट, जानें क्या है सफेद और गुलाबी पर्ची का राज  

editor
  • Awaaz Desk
  • April 18, 2023 08:04 AM
Mafia Atiq used to run syndicate from Sabarmati jail, know what is the secret of white and pink slip

लखनऊ: माफिया अतीक अहमद और अशरफ के मारे जाने के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है. साबरमती जेल से भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके अतीक अहमद अपना सिंडिकेट चला रहा था. कुछ दिन पहले ही अतीक अहमद ने मोहम्मद मुस्लिम नाम के बिल्डर को धमकी दी थी और 5 करोड़ मांगे थे. इसके बाद बिल्डर ने अतीक के बेटे असद को 80 लाख दिए थे. बताया जा रहा है कि इन 80 लाख का इस्तेमाल उमेश पाल हत्याकांड में किया गया था. बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम को अतीक ने धमकी भरा मैसेज लिखा था- मेरे कोई लड़के ना डॉक्टर बनेगा और ना वकील बनेगा और सिर्फ हिसाब होना है और इंसाहल्लाह बहुत जल्द हिसाब शुरू कर दूंगा.' अतीक ने 5 करोड़ रुपये की डिमांड की थी.

कारोबारियों से चुनाव टैक्स वसूलता था अतीक
इसके अलावा खुलासा हुआ है कि अतीक अहमद हमेशा चुनाव लड़ने के दौरान टैक्स वसूलता था. बड़े बिल्डर और व्यवसाय से जुड़े बड़े कारोबारियों से चुनाव लड़ने के लिए चुनाव टैक्स लेता था. अतीक के चुनाव लड़ने पर गुंडा टैक्स वसूली पर्ची  जारी होती थी. दो तरह की पर्ची बड़े कारोबारियों और व्यवसाय से जुड़े बड़े कारोबारियों को दी जाती थी.

गुलाबी पर्ची का रेट 3 लाख से लेकर 5 लाख तक था. सफेद पर्ची का 5 लाख से ऊपर का रेट था. कैश के साथ-साथ एकाउंट में भी पैसे जमा कराए जाते थे. चुनाव टैक्स के पैसे बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अकाउंट में जमा होते थे. हमारे पास पैसे जमा कराने वाली बैंक रसीद की एक्सक्लूसिव पर्ची है. माफिया अतीक अहमद के नाम पर बैंक एकाउंट है. 

 

अतीक ने धमकी देते हुए क्या कहा था?
बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम से अतीक अहमद ने कहा था, 'मैं आपको आखिरी बार कह रहा हूं, आप मेरे बेटे से ED-ED कर रहे, ED ने अभी आपका पैसा सीज तो नहीं किया, बेहतर ये है की हमारे बेटे उमर का जो हिसाब है और असद ने जो पैसा दिया है, वो हमें इलेक्शन में जरूरत है तो हमारी आपसे कोई दुश्मनी तो नहीं..'

अतीक अहमद ने आगे कहा था, 'आपके घर ने अपनी किस्मत और अक्ल से कमाया लेकिन हमारे जो पैसे है उसको तुरंत दे दो.... इस वक्त हमारे बहुत काम आएगा... कम लफ्जों में ज्यादा समझ लो... मैं अभी मरने वाला नहीं हूं, इंसाअल्लाह एक्सरसाइज करता हूं, दौड़ता हूं, बेहतर है हमसे आपके मिल लो... अतीक अहमद... साबरमती जेल.'

अतीक के डर से लखनऊ आ गया था बिल्डर
अतीक के डर से प्रयागराज छोड़कर साल 2007 में लखनऊ भाग गया था. मोहम्मद मुस्लिम को अतीक जनवरी 2023 से लगातार धमकी दे रहा था और पैसे की मांग रहा था. अतीक की जेल से धमकी भरे मैसेज के बाद मोहम्मद मुस्लिम काफी डर गया और मोहम्मद मुस्लिम ने पैसे दिए असद को जिसका इस्तेमाल उमेश पाल हत्याकांड में किया गया था.

चैट्स से ये भी पता चलता है कि यूपी पुलिस और ED के एक्शन से वो काफी बौखलाया हुआ था. अतीक इतना ओवर कॉन्फिडेंट था कि उसने चैट्स में ये भी लिखा था- मैं अभी मरने वाला नहीं हूं. आज तक के पास अतीक का मोहम्मद मुस्लिम को भेजा गया धमकी भरा मैसेज है. मुस्लिम ने अतीक का मोबाइल नंबर MP के नाम से सेव किया हुआ था. 

अतीक के राइफल से साबिर ने की थी उमेश पाल की हत्या
इस धमकी के बाद बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम ने एनकाउंटर में मारे गए असद को 80 लाख रुपये दिए थे. इसी पैसे का इस्तेमाल उमेश पाल हत्याकांड में किया गया था. इस बीच उमेश पाल हत्याकांड को लेकर एक और खुलासा हुआ है. अतीक अहमद की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें दिख रहे राइफल का इस्तेमाल उमेश हत्याकांड में शूटर साबिर ने किया था. 


संबंधित आलेख: