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दीपावली के दिन टला बड़ा हादसा: झपकी ने ली कार की परीक्षा, देवप्रयाग में बाल-बाल बचे बदरीनाथ जा रहे यात्री

editor
  • Tapas Vishwas
  • November 07, 2026 02:11 PM
Major accident averted on Diwali: A moment of drowsiness puts a car to the test; pilgrims en route to Badrinath have a narrow escape in Devprayag.

देवप्रयाग। दीपावली का पावन पर्व जहाँ एक ओर घरों में दीपों की रोशनी और खुशियां लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर जरा सी असावधानी किस तरह बड़े खतरे को बुलावा दे सकती है, इसकी बानगी ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिली। सहारनपुर से बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं की एक कार देवप्रयाग के पास अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में कोई अनहोनी नहीं हुई, वरना इस खतरनाक मोड़ का पुराना इतिहास किसी बड़े मातम में भी बदल सकता था।

दीपावली के दिन ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सहारनपुर से बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए जा रहे पांच यात्रियों की कार देवप्रयाग क्षेत्र में एक होटल के पास अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन चालक को झपकी आने के कारण यह दुर्घटना हुई। गनीमत रही कि कार डिवाइडर से टकराकर रुक गई, अन्यथा हादसा बेहद गंभीर हो सकता था। दुर्घटना में तीन यात्री घायल हुए, जबकि दो लोग सुरक्षित बच गए। जानकारी के अनुसार, कार में कुल पांच लोग सवार थे और सभी सहारनपुर से बदरीनाथ धाम की यात्रा पर निकले थे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर होटल के समीप पहुंचते ही चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और कार सीधे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी अचानक हुई कि कार सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद में जुट गए। उन्होंने यात्रियों को कार से बाहर निकालने और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया। दुर्घटना में घायल यात्रियों में सहारनपुर के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सोमाली, बेहट रोड निवासी जतिन पुत्र मेहरदास भी शामिल हैं। हादसे में कुल तीन लोगों को हल्की चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को निजी वाहन के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। उपचार के बाद सभी की हालत सामान्य बताई गई। देवप्रयाग कोतवाली प्रभारी कृष्णकांत ने बताया कि कार सवार सभी लोग बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए जा रहे थे। प्रथमदृष्टया चालक को झपकी आने के कारण वाहन से नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की ओर से दुर्घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के बाद एक बार फिर इस स्थान की संवेदनशीलता चर्चा में आ गई है। बताया जाता है कि इसी खतरनाक स्थान पर इससे पहले दो वाहन सीधे गंगा नदी में समा चुके हैं। ऐसे में इस बार कार का डिवाइडर से टकराकर रुक जाना यात्रियों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं रहा। पहाड़ी मार्गों पर लंबी दूरी की यात्रा, लगातार वाहन चलाना और नींद की कमी अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। खासकर तीर्थयात्रा के दौरान चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। नींद या थकान महसूस होने पर वाहन रोककर आराम करना ही सुरक्षित विकल्प है। देवप्रयाग की यह घटना एक बार फिर चेतावनी दे रही है कि पहाड़ी सड़कों पर जरा-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
 


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