भारत-नेपाल सीमा पर बड़ी कार्रवाई: रक्सौल में दो उज्बेकिस्तानी महिलाएं गिरफ्तार, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
मोतिहारी। इंडो-नेपाल बॉर्डर पर देश की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। रक्सौल के हरैया थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्टम चौक और मैत्री पुल के पास सुरक्षाकर्मियों ने भारत में अवैध रूप से रह रहीं दो उज्बेकिस्तानी महिला नागरिकों को उस समय दबोच लिया, जब वे बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में भारत से नेपाल भागने की फिराक में थीं। पकड़े जाने के बाद एसएसबी ने दोनों विदेशी नागरिकों को स्थानीय हरैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद सीमा पर चौकसी और बढ़ा दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, एसएसबी की टीम रक्सौल बॉर्डर पर हमेशा की तरह नियमित जांच और गश्त कर रही थी। इसी दौरान कस्टम चौक के पास दो विदेशी महिलाओं की गतिविधियां संदिग्ध पाकर जवानों ने उन्हें रोका। जब उनसे पूछताछ की गई, तो उनके जवाबों में विरोधाभास नजर आया। कड़ाई से की गई जांच में यह साफ हो गया कि दोनों महिलाएं उज्बेकिस्तान की नागरिक हैं और लंबे समय से बिना किसी वैध दस्तावेज या वीजा के भारत में अवैध रूप से रह रही थीं। चूंकि मामला विदेशी नागरिकों की अवैध आवाजाही और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए पुलिस और खुफिया एजेंसियां बेहद सतर्कता बरत रही हैं। हरैया थानाध्यक्ष किशन पासवान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, "SSB की टीम ने दो विदेशी महिला नागरिकों को पकड़कर हमें सुपुर्द किया है। दोनों उज्बेकिस्तान की निवासी हैं। पुलिस और संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से इनसे गहन पूछताछ कर रही हैं कि ये भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुईं, अब तक देश के किन-किन हिस्सों में रुकी थीं और अचानक नेपाल भागने के पीछे इनका क्या मकसद था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों के पासपोर्ट और अन्य संदिग्ध दस्तावेजों की बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है। एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इनका संबंध किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी, जासूसी या किसी अवैध सिंडिकेट नेटवर्क से तो नहीं है। भारत-नेपाल सीमा के खुले होने के कारण अक्सर इस रूट का इस्तेमाल अवैध घुसपैठ और तस्करी के लिए किए जाने की कोशिशें होती रहती हैं। हालांकि, हाल के दिनों में रक्सौल बॉर्डर पर एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के कारण कई बड़े रैकेट और अवैध आवाजाही के मामलों का भंडाफोड़ हुआ है। हरैया पुलिस के अनुसार, पूछताछ और दस्तावेजों की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों विदेशी महिलाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं (फॉरेनर्स एक्ट) के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इन्हें जेल भेजा जाएगा। फिलहाल सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और जांच अभियान को पहले से ज्यादा कड़ा कर दिया गया है।