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इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बड़ी कार्रवाई: मोतिहारी में यूक्रेन की महिला इंजीनियर गिरफ्तार, 3 साल से बिना वीजा के भारत में रहने का सनसनीखेज खुलासा

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 07, 2026 03:07 PM
Major action at the Indo-Nepal border: Ukrainian female engineer arrested in Motihari; sensational revelation of her living in India without a visa for three years.

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से सटी भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इंडो-नेपाल बॉर्डर की सुरक्षा में तैनात 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की टीम ने एक विदेशी महिला को अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश और गैर-कानूनी प्रवास के आरोप में हिरासत में लिया है। पकड़ी गई महिला यूक्रेन की नागरिक बताई जा रही है, जो पेशे से इंजीनियर है। चौंकाने वाली बात यह है कि महिला का भारतीय वीजा साल 2022 में ही समाप्त हो चुका था, और वह पिछले तीन वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रही थी।

जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई 2026 की शाम करीब 6:30 बजे एसएसबी की नियमित गश्ती टीम सीमा स्तंभ संख्या-388 की ओर गश्त पर थी। इसी दौरान उप निरीक्षक मयंक सिद्धू के नेतृत्व में टीम को बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) हरपुर के मुख्य गेट के पास एक विदेशी महिला संदिग्ध परिस्थितियों में बैठी दिखाई दी। सख्ती से की गई पूछताछ में महिला ने अपनी पहचान यूक्रेन निवासी ओक्साना शेवत्सोवा के रूप में दी। उसने खुद को पेशे से एक इंजीनियर बताया। जब एसएसबी अधिकारियों ने उससे भारत में रहने के वैध दस्तावेज, पासपोर्ट और वीजा की मांग की, तो वह शुरुआत में टालमटोल करने लगी और कोई भी मूल दस्तावेज पेश नहीं कर सकी। जब सुरक्षाबलों ने कड़ाई दिखाई तो महिला ने अपने मोबाइल फोन में पासपोर्ट और वीजा की डिजिटल प्रति (इलेक्ट्रॉनिक कॉपी) दिखाई। दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने पर एसएसबी के होश उड़ गए; महिला का वीजा वर्ष 2022 में ही एक्सपायर हो चुका था। उसके पास वीजा विस्तार से जुड़ा कोई भी वैध कागजात नहीं मिला। इसके अलावा, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिला के मोबाइल फोन से भारत के एक महत्वपूर्ण सरकारी पहचान पत्र की डिजिटल प्रति भी बरामद हुई है, जिसकी प्रामाणिकता पर प्रथम दृष्टया गहरा संदेह जताया गया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि यह डिजिटल पहचान पत्र असली है या उसने भारत में अवैध रूप से टिके रहने के लिए कोई फर्जी दस्तावेज तैयार करवाया था। एसएसबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन, एक ईयरबड और 57,330 रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद की गई है। इसके बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी महिला को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस विदेशी नागरिक अधिनियम  के तहत संयुक्त रूप से जांच में जुट गई हैं। अब महिला के पासपोर्ट, भारत में उसके प्रवेश की वास्तविक तिथि, इमिग्रेशन चेक पोस्ट के रिकॉर्ड और एफआरआरओ पंजीकरण की गहनता से पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस मुख्य बिंदु पर फोकस कर रही हैं कि वीजा खत्म होने के बाद भी महिला तीन साल तक भारत के किस हिस्से में रही और सीमावर्ती इलाके में उसके आने का असली मकसद क्या था।


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