रांची डीसी का बड़ा एक्शन: नगड़ी ईवीएम वेयर हाउस का औचक निरीक्षण,सुरक्षा और रख-रखाव पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
रांची। झारखंड में आगामी चुनावी सरगर्मियों और प्रशासनिक तैयारियों के बीच रांची के उपायुक्त (डीसी) सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने नगड़ी स्थित ईवीएम वेयर हाउस का विस्तृत और सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां तैनात सुरक्षा बलों, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के रख-रखाव की जमीनी स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उपायुक्त के इस औचक निरीक्षण से निर्वाचन कार्यालय और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों में पूरे दिन मुस्तैदी देखी गई।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने वेयर हाउस के भीतर रखीं इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल मशीनों के सुरक्षित संरक्षण की स्थिति को देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से मशीनों के लॉग-बुक, प्रवेश रजिस्टरों और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों (रिकॉर्ड्स) के संधारण की फाइलें मंगवाकर उनकी जांच की। इस मौके पर उनके साथ उप निर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन सहित निर्वाचन शाखा के कई संबंधित अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मुख्य रूप से मौजूद रहे। उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों और सुरक्षा प्रभारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता और अक्षरसः पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ईवीएम वेयर हाउस की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मशीनों के रख-रखाव, सुरक्षा घेरे और निर्धारित प्रोटोकॉल में किसी भी स्तर पर या किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वेयर हाउस में उपलब्ध मौजूदा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करने के बाद, रांची डीसी ने सुरक्षा और निगरानी प्रणाली को और अधिक अभेद्य बनाने के लिए आवश्यक सुधार संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि वेयर हाउस परिसर में अनधिकृत प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाए। इसके साथ ही, वहां होने वाली हर गतिविधि, निगरानी कैमरों की लाइव फीड और रिकॉर्ड संधारण की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के उच्च मानकों के अनुरूप ही संचालित होनी चाहिए। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ईवीएम वेयर हाउस की सुरक्षा सीधे तौर पर लोकतंत्र और लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा, "समय-समय पर हमारे द्वारा किए जाने वाले इस प्रकार के निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का वास्तविक आकलन करना है। आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी और भौतिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में आयोजित होने वाले किसी भी चुनाव के लिए हमारी मशीनें पूरी तरह सुरक्षित, संरक्षित और चालू हालत में रहें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही के मामले में जिला प्रशासन 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है, ताकि आने वाले प्रत्येक चुनाव को पूरी निष्पक्षता और जनता के अटूट विश्वास के साथ संपन्न कराया जा सके।