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बिहार में निगरानी विभाग का बड़ा एक्शन: पूर्णिया में 46 हजार रुपये घूस लेते बीडीओ रंगेहाथ गिरफ्तार,आवास से ₹1.25 लाख कैश भी बरामद

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 17, 2026 06:07 AM
Major action by the Vigilance Department in Bihar: BDO arrested red-handed while accepting a bribe of ₹46,000 in Purnia; ₹1.25 lakh in cash also recovered from his residence.

पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे सरकारी अभियान के तहत विशेष निगरानी इकाई ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पूर्णिया जिले के वैसा प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजकुमार चौधरी को निगरानी विभाग की विशेष टीम ने उनके सरकारी आवास से 46,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान बीडीओ के भ्रष्टाचार में संलिप्त उनके निजी सहायक (सेवक) छोटू कुमार को भी मौके से दबोचा गया है। इस सनसनीखेज कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। विशेष निगरानी इकाई के डीएसपी कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि इस मामले में एक स्थानीय शिकायतकर्ता (परिवादी) ने विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता की एक टेंडर राशि अटकी हुई थी, जिसके भुगतान को जारी करने के एवज में बीडीओ राजकुमार चौधरी लगातार मोटी रकम (रिश्वत) की मांग कर रहे थे।  शिकायत का सत्यापन कराने के बाद जब मामला पूरी तरह सही पाया गया, तो निगरानी विभाग ने जाल बिछाया। शुक्रवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने बीडीओ को उनके सरकारी आवास पर पैसे दिए, वैसे ही घात लगाकर बैठी विजिलेंस की टीम ने धावा बोलकर उन्हें दबोच लिया। रंगेहाथ गिरफ्तारी के तुरंत बाद विशेष निगरानी टीम ने बीडीओ के सरकारी आवास की बारीकी से तलाशी ली। तलाशी के दौरान अधिकारियों को 1 लाख 25 हजार रुपये की अतिरिक्त बेहिसाबी नकदी और कई संदिग्ध सरकारी व निजी कागजात बरामद हुए हैं। निगरानी की टीम बरामद किए गए इन रुपयों के स्रोत और संदिग्ध दस्तावेजों का बारीकी से सत्यापन कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि बीडीओ द्वारा पूर्व में भी कई मामलों में अवैध वसूली की गई है। विजिलेंस टीम की इस त्वरित कार्रवाई में बीडीओ के साथ-साथ उनके हर काले कारनामे में साथ देने वाले निजी सहायक छोटू कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय रोटा थाना ले जाया गया, जहां प्राथमिक कागजी कार्रवाई पूरी की गई। निगरानी डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में कानून का शिकंजा पूरी तरह कस दिया गया है। आगे की आवश्यक जांच और पूछताछ जारी है। कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को विशेष निगरानी कोर्ट, पटना में पेश किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों पर निगरानी की इस बड़ी कार्रवाई से साफ है कि सूबे में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। वैसा प्रखंड के ग्रामीणों ने भी इस त्वरित कार्रवाई पर राहत की सांस ली है, जहां विकास कार्यों के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें लंबे समय से आ रही थीं।


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