उत्तराखंड एसटीएफ का बड़ा एक्शन: फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़; 3 अवैध हथियार और 2 जाली लाइसेंस के साथ मुख्य आरोपी समेत दो गिरफ्तार
रुद्रपुर। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक शांति को खतरे में डालने वाले 'फर्जी शस्त्र लाइसेंस' और अवैध हथियारों के एक बहुत बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 'अपराध मुक्त उत्तराखंड' विजन के तहत एसटीएफ ने ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर से मुख्य सरगना सहित दो आरोपियों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अत्याधुनिक अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक सात आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
एसटीएफ के एसएसपी ने बताया कि 11 जून की देर रात खुफिया तंत्र से एक बेहद गोपनीय इनपुट मिला था कि काशीपुर का फरार मुख्य आरोपी अपने साथी के साथ रुद्रपुर क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या छिपने की फिराक में घूम रहा है और उनके पास घातक अवैध हथियार भी हैं। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम ने बिना वक्त गंवाए रुद्रपुर रोडवेज बस अड्डे के पास जाल बिछाया। टीम ने घेराबंदी करते हुए मुख्य आरोपी सौरभ अग्रवाल और उसके निजी चालक अमित पाल को धर दबोचा। आरोपियों के पास से एक 12 बोर की घातक पम्प एक्शन बंदूक बरामद हुई। तलाशी में एक 30 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और एक 32 बोर की फुल ऑटोमैटिक पिस्टल देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। इसके साथ ही 8 जिंदा कारतूस और दो फर्जी तरीके से तैयार किए गए शस्त्र लाइसेंस भी मौके से जब्त किए गए। इस पूरे मामले की कड़ियां 4 जून को काशीपुर कोतवाली में दर्ज की गई एक एफआईआर से जुड़ी हैं। 10 जून की रात एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर एक स्विफ्ट कार से चार अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद किए थे। जांच में यह कार और हथियार काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल और दीप्ति अग्रवाल के पाए गए थे। गिरफ्तारी के बाद हुई कड़ी पूछताछ में चालक अमित पाल ने कबूला कि 10 जून को जब पुलिस की दबिश पड़ी, तो उसने साक्ष्य छिपाने और पुलिस जांच को भटकाने की नीयत से उस स्विफ्ट कार को एक गुप्त पार्किंग स्थल में छिपा दिया था। एसटीएफ ने आरोपी अमित पाल के पास से उस कार की चाबी भी बरामद कर ली है। एसटीएफ की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध हथियार तस्करों और फर्जी कागजात बनाने वाले गिरोह में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में कुछ बेहद रसूखदार और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एसटीएफ के अनुसार, उत्तराखंड में बाहरी राज्यों (जैसे जम्मू-कश्मीर या अन्य राज्य) से ट्रांसफर होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता को लेकर एक व्यापक राज्यव्यापी सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी जांच के दौरान यह चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया। एसटीएफ ने साफ किया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर टाइम बम की तरह हैं। इसलिए पुलिस ऐसे माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य कठोरतम कानूनी कार्रवाई कर रही है। एसटीएफ ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी संदिग्ध या बाहरी राज्य का शस्त्र लाइसेंस धारक नजर आए, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें; सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।