बड़ी कार्रवाई: ऊधम सिंह नगर की महिला डॉक्टर पर लगा दो महीने का बैन, मेडिकल काउंसिल ने माना कदाचार का दोषी
रुद्रपुर। उत्तराखंड में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों के हितों की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने जनपद की जानी-मानी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) डॉ. शाहीन को चिकित्सकीय कदाचार का दोषी पाते हुए उनकी ओपीडी सेवाओं पर दो महीने के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मेडिकल काउंसिल के इस सख्त आदेश के बाद पूरे जिले के चिकित्सा जगत में हड़कंप मच गया है।
उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल द्वारा जारी इस आधिकारिक आदेश के क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), ऊधम सिंह नगर को मामले में सीधे तौर पर निर्देशित किया गया है। काउंसिल ने कहा है कि उक्त प्रतिबंधात्मक आदेश का जमीन पर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। आदेश मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित महिला चिकित्सक और उनके चिकित्सा संस्थान को परिषद के इस फैसले की आधिकारिक प्रति सौंप दी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले दो माह तक डॉ. शाहीन किसी भी प्रकार की ओपीडी सेवाएं या मरीजों का परामर्श नहीं दे सकेंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस दो महीने के प्रतिबंध की अवधि के दौरान किसी भी स्तर पर आदेश का उल्लंघन पाया गया, या डॉक्टर द्वारा ओपीडी सेवाएं संचालित की गईं, तो संबंधित चिकित्सक और संस्थान के खिलाफ नियमानुसार बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा, "ऊधम सिंह नगर जनपद में उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना, चिकित्सकीय नैतिकता का पालन सुनिश्चित करना और मरीजों के अधिकारों व उनके हितों की रक्षा करना हमारी सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता है।" उन्होंने स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया कि जिले में किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय अनियमितता, लापरवाही या कदाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में भी ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुरूप इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।