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देहरादून के हाई-प्रोफाइल विक्रम शर्मा मर्डर केस में बड़ी गिरफ्तारी: सहारनपुर से दबोचा गया एक लाख का इनामी यशराज सिंह, फंडिंग से लेकर रेकी तक हर साजिश का निकला मास्टरमाइंड

editor
  • Awaaz Desk
  • May 13, 2026 01:05 PM
Major arrest in Dehradun's high-profile Vikram Sharma murder case: Yashraj Singh, carrying a reward of Rs 1 lakh, arrested from Saharanpur, mastermind of every conspiracy from funding to recce.

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। देहरादून पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ की संयुक्त टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी आरोपी यशराज सिंह को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में कई बड़े खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी यशराज सिंह निवासी जमशेदपुर, जिला पूर्वी सिंहभूम (झारखंड) इस सनसनीखेज हत्याकांड का अहम साजिशकर्ता और फंडिंग मैनेजर था। उसने ही अपने साथियों के साथ मिलकर विक्रम शर्मा की हत्या की पूरी योजना तैयार की थी और वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों के आने-जाने, ठहरने और अन्य खर्चों का इंतजाम किया था। पुलिस के मुताबिक 13 फरवरी 2026 को देहरादून के पॉश इलाके राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के बाहर जिम से निकलते समय अज्ञात बदमाशों ने विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। विक्रम शर्मा उत्तराखंड में खनन कारोबार से जुड़ा था और झारखंड का हिस्ट्रीशीटर भी बताया जाता था। इस हाई-प्रोफाइल हत्या के बाद प्रदेशभर में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के शुरुआती चरण में ही पुलिस को झारखंड के अपराधियों की संलिप्तता के सुराग मिले थे। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ की अलग-अलग टीमों का गठन कर झारखंड समेत कई राज्यों में लगातार दबिश दी गई। इस दौरान दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि छह आरोपी फरार चल रहे थे। कोर्ट से सभी आरोपियों के खिलाफ कुर्की वारंट जारी किए गए थे और प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

दिल्ली-नोएडा में भी की गई थी हत्या की कोशिश
पूछताछ में यशराज सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने वर्ष 2024 में टाटानगर रेलवे स्टेशन पर दुकानों में नमकीन, चिप्स, बिस्किट और केक की सप्लाई का काम शुरू किया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात विशाल सिंह से हुई। विशाल के कहने पर यशराज ने अपने साथियों आकाश प्रसाद, अंकित वर्मा, जितेंद्र साहू और मोहित उर्फ अक्षय ठाकुर के साथ मिलकर विक्रम शर्मा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोपी ने खुलासा किया कि दिसंबर 2025 और उससे पहले भी दिल्ली और नोएडा में विक्रम शर्मा की हत्या की कोशिश की गई थी, लेकिन भीड़भाड़ और सुरक्षा कारणों से आरोपी सफल नहीं हो सके। बार-बार असफल होने के बाद आरोपियों ने देहरादून में हत्या की साजिश रची। इसके लिए यशराज ने अपने साथी अंकित वर्मा को कई बार देहरादून भेजा। अंकित ने रेकी कर बताया कि विक्रम शर्मा रोज सुबह जिम अकेले जाता है। इसके बाद आरोपियों ने जिम आते.जाते समय हत्या की योजना बनाई।

मां की तबीयत खराब होने से खुद नहीं आया आरोपी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाले दिन आरोपी यशराज भी देहरादून आने वाला था, लेकिन उसकी मां की तबीयत खराब होने के कारण वह पिता के कहने पर घर पर रुक गया। इसके बाद आरोपी विशाल और आशुतोष स्कॉर्पियो से देहरादून पहुंचे, जहां उन्होंने अंकित वर्मा से मुलाकात की और जितेंद्र साहू की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर विक्रम शर्मा की हत्या को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यशराज ने अपने मोबाइल नंबर से चल रहे पेटीएम अकाउंट से आकाश प्रसाद को रांची से दिल्ली फ्लाइट टिकट के लिए करीब 15 हजार रुपये भेजे थे, जबकि रास्ते खर्च के लिए अलग से 10 हजार रुपये नकद दिए गए थे। इसके अलावा हरिद्वार में होटल में ठहरने और खाने का भुगतान भी यशराज ने यूपीआई के माध्यम से किया था। हरिद्वार से किराए पर ली गई स्कूटी और मोटरसाइकिल का भुगतान उसके पिता राजकुमार सिंह ने सारिका ट्रेडर्स के खाते से किया था।

हत्या के बाद फरार हो गया था परिवार
13 फरवरी को हत्या के बाद आरोपी विशाल ने फोन पर यशराज को विक्रम शर्मा की हत्या की सूचना दी। इसके बाद यशराज, उसका पिता राजकुमार सिंह और जितेंद्र साहू अपने-अपने घरों से फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने यशराज के पिता राजकुमार को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया था, जबकि यशराज गिरफ्तारी से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्थित अपनी बुआ के घर छिपा हुआ था। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि 12 मई को यशराज अपने पिता के केस में वकील से मिलने हरिद्वार आया था। इसके बाद वह कानूनी सलाह लेने सहारनपुर पहुंचा, जहां पहले से सतर्क पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। इस गिरफ्तारी को विक्रम शर्मा हत्याकांड की जांच में बड़ी सफलता माना जा रहा है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।


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