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पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी सौगात: देवघर एम्स में शुरू होगी ईसीएचएस सुविधा, अब इलाज के लिए नहीं लगानी पड़ेगी रांची-दिल्ली की दौड़

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 03, 2026 01:07 PM
Major boon for ex-servicemen: ECHS facility to start at AIIMS Deoghar; no more rushing to Ranchi or Delhi for treatment.

देवघर। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। देवघर एम्स में जल्द ही पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना ईसीएचएस की सुविधा शुरू होने जा रही है। इस दिशा में विभागीय प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। योजना लागू होने के बाद झारखंड के संताल परगना प्रमंडल सहित बिहार के सीमावर्ती जिलों के हजारों पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर इलाज के लिए अब रांची, पटना या दिल्ली का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं देवघर एम्स में ही उपलब्ध हो सकेंगी। रक्षा मंत्रालय के रांची स्थित कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र के बाद इस प्रक्रिया ने तेजी पकड़ी है। गोड्डा सांसद एवं देवघर एम्स की गवर्निंग बॉडी के पदेन सदस्य डॉ. निशिकांत दुबे के हस्तक्षेप के बाद एम्स प्रशासन ने आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी कर रक्षा मंत्रालय को अपनी सहमति भेज दी है। माना जा रहा है कि मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही यह सुविधा औपचारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी।

एम्स प्रशासन के अनुसार, ईसीएचएस लागू होने के बाद पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए अस्पताल में विशेष व्यवस्था की जाएगी। उनके लिए अलग सीनियर सिटीजन काउंटर से संबद्ध सुविधा उपलब्ध होगी, जहां पंजीकरण, ओपीडी पर्ची और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे उन्हें लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा और इलाज की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान और तेज होगी। योजना के तहत पैथोलॉजी जांच, रेडियोलॉजी सेवाएं और विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों में भी पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता मिलेगी। यदि किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है तो बेड आवंटन सामान्य प्रक्रिया के अनुसार होगा, लेकिन उसके उपचार को फास्ट-ट्रैक मोड में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि देश की सेवा कर चुके सैनिकों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। इस सुविधा का सबसे अधिक लाभ संताल परगना क्षेत्र के देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों के पूर्व सैनिकों को मिलेगा। इसके अलावा बिहार के बांका, जमुई और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों पूर्व सैनिक और उनके परिवार भी इसका लाभ उठा सकेंगे। अब तक इन लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रांची, पटना या दिल्ली जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों तक लंबी यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे समय, धन और शारीरिक परेशानी तीनों का सामना करना पड़ता था। गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि देश की सुरक्षा में अपना अमूल्य योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि देवघर एम्स में ECHS सुविधा शुरू होने से झारखंड और आसपास के राज्यों के हजारों पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। उनका प्रयास है कि यह सेवा बिना किसी अनावश्यक देरी के जल्द शुरू हो जाए। वहीं, देवघर एम्स के निदेशक डॉ. नितिन गंगने ने बताया कि रक्षा मंत्रालय के रांची कार्यालय के साथ लगभग सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। मंत्रालय ने रेफरल की स्थिति में दूसरे संस्थान तक मरीजों को पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह सुविधा तुरंत शुरू कर पाना संभव नहीं है, लेकिन भविष्य में इसे भी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि देवघर एम्स में ईसीएचएस सुविधा शुरू होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे न केवल पूर्व सैनिकों को समय पर उच्चस्तरीय इलाज मिलेगा, बल्कि बड़े शहरों के अस्पतालों पर मरीजों का दबाव भी कम होगा। साथ ही, संताल परगना और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को अपने ही क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलने से स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा। देवघर एम्स में ईसीएचएस सेवा की शुरुआत पूर्व सैनिकों के सम्मान और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके लागू होने के बाद हजारों परिवारों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से राहत मिलेगी और उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर, तेज और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।


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