सहरसा में 'ऑपरेशन क्रैकडाउन' का बड़ा धमाका: आधी रात को घेराबंदी कर हथियार लहराते 4 शातिर दबोचे,अंतरराज्यीय गिरोह का शक
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में पुलिस ने अपराध नियंत्रण और अपराधियों के सफाए की दिशा में चलाए जा रहे विशेष 'ऑपरेशन क्रैकडाउन' के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सलखुआ थाना क्षेत्र में देर रात चलाए गए एक विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अवैध हथियारों के साथ एक लक्जरी चारपहिया वाहन पर सवार चार संदिग्ध युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई से इलाके में किसी बड़ी और खौफनाक आपराधिक घटना को अंजाम देने के अपराधियों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। पकड़े गए युवकों के पास से अत्याधुनिक अवैध हथियार मिलने के बाद पुलिस को आशंका है कि इनके तार किसी बड़े आपराधिक सिंडिकेट या अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 30 जून की देर रात की है। सलखुआ थाना पुलिस अपने नियमित गश्ती दल (पेट्रोलिंग टीम) के साथ क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर मुस्तैदी से आकस्मिक वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान दूर से एक संदिग्ध चारपहिया वाहन काफी तेज रफ्तार से आता हुआ दिखाई दिया। सड़क पर बैरिकेडिंग देख और पुलिस द्वारा रुकने का इशारा पाकर गाड़ी में सवार युवक अचानक घबरा गए। उन्होंने कानून के शिकंजे से बचने के लिए गाड़ी को तेजी से पीछे (बैक गियर में) मोड़कर मौके से भागने का प्रयास किया। अपराधियों की इस संदिग्ध हरकत को देखते ही पुलिस टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई। पुलिस के जवानों ने बिना एक पल गंवाए अपनी गाड़ियों से बदमाशों का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर रणनीतिक घेराबंदी कर चारों युवकों को बीच सड़क पर ही धर दबोचा। वाहन को कब्जे में लेकर जब पुलिस टीम ने चारों युवकों को नीचे उतारा और उनकी सघन जामा तलाशी ली, तो गाड़ी के भीतर और युवकों के पास से घातक हथियार बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए एक मुख्य युवक की कमर से पुलिस ने एक लोडेड देसी पिस्टल, दो अतिरिक्त मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस (बुलेट्स) बरामद किए हैं। पुलिस ने हथियारों के साथ-साथ अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे उक्त चारपहिया वाहन को भी तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया है, जिसके मालिकाना हक की जांच की जा रही है। मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीपीओ) मुकेश कुमार ठाकुर ने एक विशेष प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी बेहद शातिर हैं और प्रारंभिक पूछताछ में यह साफ हुआ है कि वे जिले या आसपास के क्षेत्र में किसी बड़ी और सनसनीखेज आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। एसडीपीओ ने साफ शब्दों में कहा कि जिले में अवैध हथियारों की तस्करी, रंगदारी और किसी भी प्रकार के अपराध पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए सहरसा पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के लिए आने वाले दिनों में भी इसी तरह के आकस्मिक (सरप्राइज) वाहन जांच और सघन तलाशी अभियान लगातार जारी रहेंगे। फिलहाल, पुलिस की एक विशेष टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों ने यह अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस कहां से और किस सप्लायर से खरीदे थे। इसके साथ ही इनके मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और इनके पुराने आपराधिक इतिहास (क्राइम हिस्ट्री) का पता लगाने के लिए दूसरे जिलों की पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है। पुलिस की इस तत्परता और बड़ी कामयाबी के बाद स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी की जमकर सराहना की है।