बिहार पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव: इस बार 'मल्टी-पोस्ट ईवीएम से डलेंगे वोट,लागू होगा आरक्षण का नया रोस्टर
बिहार में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार का पंचायत चुनाव तकनीकी और प्रशासनिक रूप से बेहद खास और पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। सूबे के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने शुक्रवार को नालंदा दौरे के दौरान बिहार शरीफ सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेसवार्ता में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया।
मंत्री ने एलान किया कि इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने के लिए 'मल्टी-पोस्ट ईवीएम' का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत मतदाताओं को 6 अलग-अलग पदों के लिए वोट डालने होंगे, जिसमें एक ही कंट्रोल यूनिट से छह बैलेट यूनिट जुड़ी होंगी। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने चुनावों को लेकर दो और बड़े और महत्वपूर्ण खुलासे किए। उन्होंने बताया कि पिछले रोस्टर को 10 साल पूरे हो चुके हैं, इसलिए इस बार पंचायत चुनाव में पूरी तरह से नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा। इससे कई क्षेत्रों के सियासी समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे। जिला परिषद अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव पहले की तरह ही अप्रत्यक्ष प्रणाली (यानी चुने हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा) से ही होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्यक्ष चुनाव कराने के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता होती है, जो अभी संभव नहीं है। सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट 'पंचायत सरकार भवन' की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए मंत्री ने बताया कि नालंदा जिले की 227 पंचायतों में से 134 में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और वे पूरी तरह चालू हैं। शेष 87 पंचायतों में काम युद्धस्तर पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि इन भवनों को 'मिनी सचिवालय' के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिले की 51 पंचायतों में पोस्ट ऑफिस शुरू हो चुके हैं और ग्रामीण जनता की सहूलियत के लिए जल्द ही इनमें 'विशेष केंद्र' भी खोले जाएंगे, जिसके लिए कार्यपालक सहायकों की ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन का काम अंतिम चरण में है। ग्रामीण विकास को लेकर मंत्री ने कई अन्य बड़ी योजनाओं की जानकारी दी। कन्या विवाह मंडप: राज्य सरकार अब हर पंचायत में 'कन्या विवाह मंडप' बनाने जा रही है। नालंदा की 24 पंचायतों में इसकी स्वीकृति मिल चुकी है और 16 का एस्टीमेट तैयार है। जिले में 115 मोक्ष धामों (श्मशान/कब्रिस्तान) को चिन्हित किया गया है, जिनका सुंदरीकरण और विकास किया जाएगा। जिले में 32,900 लाइटों के लक्ष्य के मुकाबले 32,710 सोलर लाइटें लगाई जा चुकी हैं, शेष 190 लाइटें इसी महीने लगा दी जाएंगी। जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगे शिविरों में आए 753 आवेदनों में से 711 का निपटारा किया जा चुका है। प्रेसवार्ता के अंत में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के नेता दीपक प्रकाश ने कहा कि बांकीपुर में कोई त्रिकोणीय मुकाबला नहीं है। वहां का चुनाव हमेशा एकतरफा होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों की बदौलत एनडीए उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा की भारी मतों से ऐतिहासिक जीत तय है।