चारधाम यात्रा से पहले बड़ा फैसला: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर में गैर सनातनियों की एंट्री पर रोक, 121.7 करोड़ का बजट पास
बदरीनाथ। आगामी चारधाम यात्रा से पहले बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने से संबंधित प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 और यात्रा सत्र की व्यवस्थाओं के लिए करीब 121.7 करोड़ रुपये का बजट भी पारित किया गया। बैठक में कुल 1,21,07,99,501 रुपये का अनुमानित बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें बदरीनाथ धाम के लिए 57 करोड़ 47 लाख 39 हजार 601 रुपये और केदारनाथ धाम के लिए 63 करोड़ 60 लाख 59 हजार 900 रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है। बजट में प्रस्तावित आय के मुकाबले 99 करोड़ 45 लाख 36 हजार 651 रुपये के व्यय का अनुमान दर्शाया गया है।
बैठक का संचालन करते हुए बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने पिछली बोर्ड बैठक की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी वित्तीय वर्ष का बजट भी सदस्यों के सामने रखा। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा अप्रैल में शुरू हो रही है, जिसे देखते हुए यात्रा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल, बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन खुलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण और विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। राज्य सरकार और मंदिर समिति यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए तैयारियों में जुटी हुई है। बैठक में यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए। इनमें यात्रा पूर्व व्यवस्थाओं को मजबूत करना, ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में मंदिर समिति का शिविर कार्यालय खोलना, मंदिर परिसर से निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन प्रतिबंधित करना और दर्शन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाना शामिल है। इसके अलावा मंदिरों में पूजा-दर्शन व्यवस्था सुधारने, कर्मचारियों की पदोन्नति, अस्थायी कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, मानदेय बढ़ाने, मंदिरों के जीर्णोद्धार और बीकेटीसी कर्मचारियों के वेतन-पेंशन के लिए रिवॉल्विंग फंड बनाने जैसे कई प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यात्रा सीजन में बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर की रेलिंग, रंग-रोगन, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और विश्राम गृहों की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन पूजा व्यवस्था और मंदिर समिति की वेबसाइट को भी अधिक सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। समिति पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि इन प्रस्तावों के प्रभावी क्रियान्वयन से आगामी चारधाम यात्रा 2026-27 में श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित, सरल और सुगम दर्शन की सुविधा मिल सकेगी।