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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: 22 हज़ार आंगनबाड़ी सेविकाओं की होगी बहाली, 24 अहम एजेंडों पर लगी मुहर

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 29, 2026 01:07 PM
Major decision by Bihar Cabinet: 22,000 Anganwadi workers to be recruited; approval granted for 24 key agenda items.

पटना। बुधवार को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, रोजगार, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने से जुड़े 24 महत्वपूर्ण एजेंडों पर राज्य सरकार ने अपनी मुहर लगाई है। कैबिनेट के फैसलों में सबसे बड़ा ऐलान सामाजिक कल्याण और रोजगार क्षेत्र को लेकर हुआ है, जिसके तहत राज्य में हजारों नए पदों पर भर्तियां की जाएंगी। 

कैबिनेट बैठक में समेकित बाल विकास सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। इसके अंतर्गत राज्य भर में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के 22,000 पदों पर बहाली करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर मिलने के साथ-साथ पोषण और बाल विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर नई गति मिलेगी। राज्य में युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने के उद्देश्य से 'बिहार खेल नीति 2026' को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 'बिहार राज्य खेल छात्रवृत्ति योजना' और 'प्रतिभा पहचान कार्यक्रम' जैसी दूरगामी नीतियां लागू की जाएंगी, जिससे गांव-देहात के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का सीधा मौका मिलेगा। मिथिलांचल के औद्योगिक विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलें तथा गन्ना उपोत्पाद आधारित उद्योग स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे और गन्ना किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा। सब्जी उत्पादकों को सशक्त बनाने के लिए 'बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना' (वेजफेड) की त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था के विस्तार हेतु ₹106.39 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है। इसके तहत प्रखंड स्तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर, रीफर वाहन और कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। पथ निर्माण विभाग के तहत जमुई जिले में NH-333A पर दो उच्चस्तरीय आरसीसी पुलों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई।  अमृत 2.0 मिशन के तहत शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लखीसराय जलापूर्ति परियोजना (₹150.96 करोड़) और किशनगंज जलापूर्ति परियोजना (₹53.71 करोड़) को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इससे दोनों शहरों के लाखों परिवारों को उनके घरों तक स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल सुलभ होगा। सरकार का कहना है कि ये सभी फैसले विकसित और आधुनिक बिहार के संकल्प को तेज़ी से साकार करेंगे।


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