नीतीश-सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: बिहार सरकार कराएगी धार्मिक यात्रा,1100 श्रद्धालु जाएंगे सोमनाथ
बिहार विधान परिषद् के नए सदस्यों के ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और आस्था को लेकर कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस कैबिनेट बैठक में कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जो सीधे तौर पर बिहार के आम नागरिकों, युवाओं, सरकारी कर्मचारियों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के जीवन को प्रभावित करेंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी इन फैसलों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि हमारी सरकार बिहार के चहुंमुखी विकास और राज्य के हर वर्ग को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपनी कैबिनेट बैठकों में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों से जुड़े फैसलों के लिए अपनी अलग पहचान बना चुके मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस बार भी बड़ा दिल दिखाया है। 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व- 1000 वर्ष की अटूट आस्था' के पावन अवसर पर बिहार सरकार राज्य के लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए आगामी 20 जुलाई 2026 से दो दिवसीय 'सोमनाथ यात्रा' का आयोजन करने जा रही है। इसका पूरा रोडमैप तैयार कर लिया गया है, जिससे बिहार के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।
बिहार के सुदूर इलाकों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कैबिनेट ने एक अभूतपूर्व फैसला लिया है। राज्य में पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए 5-5 एकड़ की बहुमूल्य सरकारी जमीन को निःशुल्क उपलब्ध कराने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, 'सात निश्चय-3' के तहत राज्य के डिग्री कॉलेज रहित दो प्रखंडों पश्चिम चंपारण के पिपरासी एवं भितहा के साथ-साथ मुख्यमंत्री के गृह जिले मुंगेर के टेटिया बम्बर प्रखंड में नए डिग्री महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इन कॉलेजों के लिए शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों के कुल 132 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों का सकल नामांकन अनुपात बढ़ेगा। अपराध नियंत्रण और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए कैबिनेट ने राज्य के पांच अत्यंत संवेदनशील जिलों—पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली एवं सीवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) यानी ग्रामीण एसपी के एक-एक नए पद के सृजन को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब इन बड़े जिलों के ग्रामीण इलाकों में पुलिसिंग और अधिक चुस्त-दुरुस्त होगी। "बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025" की अवधि को बढ़ाकर 30 जून, 2026 कर दिया गया है। बियाडा के माध्यम से भूमि आवंटन की अवधि को 30, 60 या 90 वर्षों के लिए सुगम बनाया गया है। सबसे बड़ा फैसला वैशाली जिले में 100 एकड़ भूमि पर 'राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान' की स्थापना को लेकर हुआ है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को यह जमीन मुफ्त दी जाएगी। इससे स्थानीय युवाओं को फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा मिलेगी। साथ ही, बिहटा (पटना) में मेसर्स नीफ प्राइवेट लिमिटेड के डेयरी प्लांट के लिए 97.17 करोड़ रुपये के निजी निवेश को मंजूरी दी गई है, जिससे 170 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। बिहार सरकार ने प्रदूषण से मुक्ति और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए 'मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना' की घोषणा की है। इसके तहत साल 2030 तक राज्य में बिकने वाले कुल वाहनों में कम-से-कम 30% हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत महिलाओं और अन्य वर्गों को इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया कमर्शियल वाहन और दोपहिया वाहन खरीदने पर डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गैर-कमर्शियल चारपहिया वाहनों पर भी विशेष छूट मिलेगी। इसके अलावा भारी उद्योग मंत्रालय की 'PM E-DRIVE' योजना के सहयोग से राज्यभर में चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत कैबिनेट ने भोजपुर के निलंबित तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) मो. इरशाद अंसारी को वित्तीय अनियमितता और गबन के गंभीर आरोप सिद्ध होने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सरकार के इस कदम से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने बाजार ऋण सहित कुल 72,901.3097 करोड़ रुपये के ऋण उगाही की भी स्वीकृति दी है।